बुद्ध जयंती पर कविता

बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म में आस्था रखने वालों का एक प्रमुख त्यौहार है। यह बैसाख माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है जिसे बुद्ध पूर्णिमा कहते हैं। इसी दिन गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, इसी दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन उनका महानिर्वाण भी हुआ था।

बुद्ध जयंती पर कविता

गौतम बौद्ध
गौतम बौद्ध

सिद्धार्थ!
ऐसा क्यों ?
फिर चले गये,
सत्य, दिव्य-ज्ञान की खोज,
अपलक राह देखती,
नि:शब्द खड़ी,
यशोधरा!

दुःख,
दूर कैसे,
स्वार्थ, संलिप्त माया,
माटी… माटी, यही ‘जाया’,
मनुजता रोती पड़ी,
दीवार बनी,
ईर्ष्या ।

आओगे,
‘बुद्ध’ बनकर,
लेकर ‘शांति’ अमृतधारा,
सींचन हो मरूभूमि पर,
सृजित पल्लव नवल,
प्रेम, समर्पण,
मनुजधर्म।
शैलेन्द्र कुमार नायक ‘शिशिर’

इस रचना को शेयर करें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top