KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

ऐसे में तू जरा हमसे नजर तो मिला

0 38

ऐसे में तू जरा हमसे नजर तो मिला

आसमां है खुला, समां भी है खिला।

ऐसे में तू जरा, हमसे नजर तो मिला।।

चाहत से मेरे ये, शाम हुई है रंगीला।

ऐसे में तू जरा, हमसे नजर तो मिला ।।

मदहोशी छाई है , तनहाई गाई है ।
मैं खो गया था, अब तुमने पाई है।
अब तुमसे है वास्ता, तू ही खुदाई है।

जिंदगी में आके मेरी किस्मत बनाई है।

लगता है चेहरा तेरा, बारिश से धुला ।।
ऐसे में तू जरा ,हमसे नजर तो मिला ।।

अब तू मेरे करीब है , तू मेरा नसीब है ।
बन गई है तू सब ,ये प्यार तो अजीब है ।
अब तू ही सोच है, तू ही तरकीब है।
तुमसे है जीवन मेरा, तू मेरा हबीब है।

तेरे साये ही ठहरा, मेरा जीना बुलबुला।।

ऐसे में तू जरा , हमसे नजर तो मिला ।।

आसमां है खुला…..

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.