क्यों जाति की बात करें

क्यों जाति की बात करें(१६,१६) जब जगत तरक्की करता हो,देश तभी उन्नति करता है।जब मानव सहज विकास करे,क्यों जाति द्वेष की बात करें। जाति धर्म मे पैदा होना,मनुजों की वश की बात नहीं,फिर जाति वर्ग की बात करेंयह सच्ची अच्छी बात नहीं। माना जो पहले बीत गया,कुछ कर्मी वर्ग अवस्था थी,नवयुग मे नया प्रभात करें,क्यों … Read more

प्रकृति का प्रचंड रूप

प्रकृति का प्रचंड रूप

पर्यावरण संरक्षण के लिए पृथ्वी के उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग ही मानव जीवन के लिए उपयुक्त है।

मित्रता की शान

जीवन में मित्रता का महत्व और मित्रता का बखान कविता के माध्यम से किया गया है।

मुंशी प्रेमचंद जी साहित्यकार थे ऐसे

व्यक्तित्व विशेष कविता संग्रह

महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद जी के प्रति 141 वीं जयंती (31 जुलाई )पर विशेष कविता