शबरी के बेर(चौपाई छंद)

शबरी के बेर(चौपाई छंद) त्रेता युग की कहूँ कहानी।बात पुरानी नहीं अजानी।।शबरी थी इक भील कुमारी।शुद्ध हृदय मति शील अचारी।।१ बड़ी भई तब पितु की सोचा।ब्याह बरात रीति अति पोचा।।मारहिं जीव जन्तु बलि देंही।सबरी जिन प्रति प्रीत सनेही।।२ गई भाग वह कोमल अंगी।वन ऋषि तपे जहाँ मातंगी।।ऋषि मातंगी ज्ञानी सागर।शबरी रहि ऋषि आयषु पाकर।।३ मिले … Read more

मात पिता पूजन दिवस दोहे

मात पिता पूजन दिवस दोहे सीमा पर रक्षा करे, अपने वीर जवान।मरते मान शहीद से, जीते उज्ज्वल शान।। प्रेम दिवस पर है विनय , सुनिये सभी सुजान।मात पिता को नेह दें, मन विश्वासी मान।। न्यौछावर हैं देश पर , मातृभूमि के पूत।त्याग और बलिदान हित, क्षमता लिए अकूत।। मातृ शक्ति को कर नमन, नारी का … Read more

पिता सदा आदर्श हैं (पिता पर दोहे)

पिता सदा आदर्श हैं (पिता पर दोहे) ख्याल रखें संतान का, तजकर निज अरमान।खुशियाँ देते हैं पिता, रखतें शिशु का ध्यान। ।१ मुखिया बन परिवार का , करतें नेह समान ।पालन पोषण कर पिता , बनते हैं भगवान ।।२ जिसकी ऊँगली थामकर , चलना सीखें आज ।मातु–पिता को मान दें, करें हृदय में राज।।३ शीतल … Read more

शरणार्थियों का सम्मान

शरणार्थियों का सम्मान होकर मजबूर वो घर- द्वार छोड़ गए, पुराने सुरमई यादों से अपना मुँह मोड़ गए। दहशतगर्दों के साजिश से होकर नाकाम, फिरते इधर- उधर लोग यूं ही करते इनको बदनाम। उम्मीद भरी नैनो से जो देखा सपना, समय की मार से वो कभी न हुआ अपना। मिलता जब इनको सहयोग तो छा … Read more

गंगा दशहरा (20 जून) पर गीत

गंगा दशहरा (20 जून) पर गीत गोद में तुम सदा ही खिलाती रहो, प्यार से आज तुम ही दुलारो हमेंगंगा मइया यहाँ अब तारो हमें, कष्ट सारे मिटाकर उबारो हमें। मौत के बाद भी तो रहे वास्ता, तुम दिखाओ हमें स्वर्ग का रास्ताअस्थियाँ, भस्म सब कुछ समर्पित करें, फिर नई जिंदगी से भला क्यों डरें … Read more