फरवरी माह पर दोहे

फरवरी माह पर दोहे माह फरवरी शीत में, पछुआ मंद बयार।बासंती मौसम हुआ, करे मधुप गुंजार।। माह फरवरी जन्म का, वेलेन्टाइन संत।प्रेम पगा संसार हो, प्रीत रीत का पंत।। भारत में उत्सव मनें, फाग बसन्ती गीत।माह फरवरी में चले, प्राकृत पतझड़ रीत।। काम देव के बाण से, पीड़ित सभी सजीव।फागुन संगत फरवरी, सबके चाहत पीव।। […]

फरवरी माह पर दोहे


माह फरवरी शीत में, पछुआ मंद बयार।
बासंती मौसम हुआ, करे मधुप गुंजार।।

माह फरवरी जन्म का, वेलेन्टाइन संत।
प्रेम पगा संसार हो, प्रीत रीत का पंत।।

भारत में उत्सव मनें, फाग बसन्ती गीत।
माह फरवरी में चले, प्राकृत पतझड़ रीत।।

काम देव के बाण से, पीड़ित सभी सजीव।
फागुन संगत फरवरी, सबके चाहत पीव।।

महिना आए फरवरी, फसलें बौर निरोग।
जीव जगत चाहे सभी, प्रिय मिलन संयोग।।


बाबू लाल शर्मा “बौहरा”
सिकंदरा,दौसा,राजस्थान

📢 शेयर करें

🔵 Facebook 🔐 Login करें

✨ कवि परिचय

कविता बहार

संचालक , वेबसाईट

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

0 thoughts on “फरवरी माह पर दोहे”

  1. मनीभाई'नवरत्न'

    5 दोहों से फरवरी माह का संपूर्ण चित्रण

  2. Gulabchand Patel

    कविता बहार कविताओ की बहार लाती है बहुत ही उम्दा कार्य कर रहे हैं हार्दिक बधाई

Scroll to Top