यह अरबी साहित्य की प्रसिद्ध काव्य विधा है । संगीत के क्षेत्र में इस विधा को गाने के लिए इरानी और भारतीय संगीत के मिश्रण से अलग शैली निर्मित हुई।
अरबी भाषा के ‘ग़ज़ल’ शब्द का अर्थ है औरतों से या औरतों के बारे में बातें करना।

It is a famous poetic genre of Arabic literature. In music, this genre was created by mixing Iranian and Indian music to sing this genre.
The word ‘Ghazal’ in Arabic means to talk to women or about women.

भाषा बड़ी है प्यारी-बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’

भाषा बड़ी है प्यारी   भाषा बड़ी है प्यारी, जग में अनोखी हिन्दी, चन्दा के जैसे  सोहे, नभ में निराली हिन्दी।   इसके लहू में संस्कृत, थाती बड़ी है पावन,…

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वक़्त पर हमने अगर ख़ुद को संभाला होता

"एक गज़ल...." वक़्त पर हमने अगर ख़ुद को संभाला होता ज़ीस्त में मेरी उजाला ही उजाला होता दरकते रिश्तों में थोड़ी सी तो नमी होती अपनी जुबान को जो हमने…

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Ghazal: पत्थर – चन्द्रभान ‘चंदन’

मैं दरिया के बीच कहीं डूबा पत्थर , तू गहनों में जड़ा हुआ महँगा पत्थर।। तुझ को देख के नदी का पानी ठहर गया, तुझ को छू कर हरकत में…

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राहत इंदौरी की अनसुनी ग़ज़ल : बाबा मेरे नाम का बादल भेजो ना

राहत इंदौरी धूप बहुत है मौसम जल-थल भेजो ना,बाबा मेरे नाम का बादल भेजो ना मौलसरी की शाख़ों पर भी दिए जलें,शाख़ों का केसरिया आँचल भेजो ना नन्हीं मुन्ही सब…

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राहत इंदौरी की अनसुनी ग़ज़ल : चेहरे के लिए आईने क़ुर्बान किए हैं

राहत इंदौरी की अनसुनी ग़ज़ल : चेहरे के लिए आईने क़ुर्बान किए हैं

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अलविदा मेरे चाहने वाले…, ग़ज़ल, कमल यशवंत सिन्हा ‘तिलसमानी’

जब उसने ही छोड़ दिया मुझको मेरे हवाले तुम्हीं बताओ फिर मुझको कौन संभाले??? अब फिर किसी पे ऐतबार न होगा करीब आने के चाहे कोई सौ तरकीब निकाले। जिसने…

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मुझे पता है

मुझे पता है...... (18.04.2020) ------------------------------------------/ खौफ़ में क्या बोलेगा मुझे पता है। रात को दिन बोलेगा मुझे पता है।1।   वक़्त आने पर  मेरे पक्ष में कोई नहीं बोलेगा मुझे…

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गजल

ग़ज़ल 1222 1222 1222 1222 कमाई पाप की हो वो खजाना छोड़ दो अब से मिलाकर दूध में पानी कमाना छोड़ दो अब से भरोसा जिंदगी का ख़ौफ़ में आकर…

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कभी इन्सां है क्या समझा नहीं था

कभी इन्सां है क्या समझा नहीं था ख़ुदा को इसलिए पाया नहीं था हमारा प्यार रूहों का मिलन था फ़क़त जिस्मों तलक़ फैला नहीं था बिताई उम्र सारी मुफ़लिसी में…

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