स्वर, पद और ताल से युक्त जो गान होता है वह गीत कहलाता है। गीत, सहित्य की एक लोकप्रिय विधा है। इसमें एक मुखड़ा तथा कुछ अंतरे होते हैं। प्रत्येक अंतरे के बाद मुखड़े को दोहराया जाता है। गीत को गाया जाता है।
An anthem consisting of voice, verse and rhythm is called a song.The song is a popular genre of Bhagya. It has a mouth and a few nerves. The mouth is repeated after each interval. The song is sung.

राम नाम जपले रे मनवा गीत

राम नाम जपले रे मनवा,निश दिन सांझ सबेरे। पल में सारे कट जायेंगे,जीवन के दुख तेरे। राम नाम जपती थी शबरी,मन में आस लगाये। फूल बिछाती रही राह में,राम प्रभू…

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सिद्धिविनायक देव हो
गणेश चतुर्थी विशेषांक

सिद्धिविनायक देव हो

सिद्धिविनायक देव हो सिद्धिविनायक देव हो,तुझे मनाऊँ आज। माँ गौरी शंकर सुवन,हो पूरण मम काज।।   प्रथम पुज्य गणराज जी, बुद्धि विधाता नाथ। कष्ट हरो गणनायका,चरण  झुकाऊँ माथ।।   मातु…

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नमन है मेरे गुरुवर-केवरा यदु “मीरा “

नमन है मेरे गुरुवर-केवरा यदु "मीरा " शिक्षक ईश समान है, कर गुरु का सम्मान। अक्षर अक्षर जोड़ कर,बाँटे जो नित ज्ञान। बाटे जो नित ज्ञान,शिष्य को योग्य  बनाते। ज्ञान…

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उत्सव की घड़ियाँ-मधुसिंघी
गणेश चतुर्थी विशेषांक

उत्सव की घड़ियाँ-मधुसिंघी

उत्सव की घड़ियाँ घड़ियाँ सुख की आज आई ,गणपति लाये उत्सव । मन से मन को जोड़ने का, करना है हमको जतन। घड़ियाँ सुख की आज आई। 1)विपदा कोई भी…

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गणपति अराधना-  कवयित्री क्रान्ति
गणेश चतुर्थी विशेषांक

गणपति अराधना- कवयित्री क्रान्ति

गणपति अराधना विघ्नहारी मंगलकारी गणपति लीला अनेक-2 सज रहे हैं मंडप प्रभु बज रहे हैं देखो ताल झूम रहे हैं भक्त तुम्हारे प्रभु कर उनका उद्धार विघ्नहारी................ गणपति..............2 हर घर…

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जिन्दगी अभी तू, मत हो उदास – मनीभाई नवरत्न
kavita

जिन्दगी अभी तू, मत हो उदास – मनीभाई नवरत्न

जिन्दगी अभी तू, मत हो उदास। छूना है तूम्हें ,सारा आकाश।। 1. जुड़ेंगे तेरे भी, नसीब के धागे।आसान नहीं पल, मंजिल से आगे।बदकिस्मती हर दिन होती नहीं पास। जिन्दगी अभी…

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सखी रे तीज पर्व आया है( दूजराम साहू)
कविता बहार दिवस आधारित रचनाओं का भंडार

सखी रे तीज पर्व आया है( दूजराम साहू)

सखी रे तीज पर्व आया है,भाई उपहार लाया है !गुँज रहीं सारी गलियाँ,बचपन याद आया है !! बरसों बाद मिलीं सखियाँ ,पुरानी बातें याद आयी !हँसी - ठिठोली कर रही…

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हिन्दी गीत: जीत होके भी मन निराश है- मनीभाई नवरत्न

निकल पड़े हैं सफर में , मंजिल की ना तलाश है जो हमसफ़र हो तुमसा तो हर मंजिल पास है।।फिर क्यों नाराज है, ....क्यों उदास है....इस पल में जीत होके…

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हिन्दी गीत : गुलामी की कफन – मनीभाई नवरत्न

गुलामी की कफन जला के , सजाया है गुलिस्तान। महकता रहे गुल सा , अपना प्यारा हिंदुस्तान ।। आज फिर दस्तक दे ना कयामत की वो घड़ियां आगाह करती है,…

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हिंदी गीत : गुलाल की बौछार है…होली का त्यौहार

गुलाल की बौछार है...होली का त्यौहार। बंसत का श्रृंगार है.....होली का त्यौहार। रिश्तों में हैं मिठास,और प्यार की फुहार। अच्छाई की जीत और बुराई की है हार । पिचकारी की…

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