निंदा पर सोरठा
चुगली औषधि होत, करती मरहम काम जो।
परनिंदा दुख स्रोत , स्वनिंदा बैकुंठ सम।।
✒️ मनीभाई ‘नवरत्न’
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चुगली औषधि होत, करती मरहम काम जो।
परनिंदा दुख स्रोत , स्वनिंदा बैकुंठ सम।।
✒️ मनीभाई ‘नवरत्न’