प्रणाम का महत्व –प्रशांत दीक्षित

करो मां बाप की सेवा को तुम ,
सफलता तुम्हारे कदम चूम लेगी ।
करो तुम अपने बड़ों को प्रणाम ,
इज्जत तुम्हारे कदम चूम लेगी।
करते रहो तुम पिता को प्रणाम,
संपत्ति तुम्हारे कदम चूम लेगी ।
करते रहो तुम माता को प्रणाम,
ममता तुम्हारे कदम चूम लेगी।
करते रहो तुम बहन को प्रणाम,
चारित्रता तुम्हारे कदम चूम लेगी।
करते रहो तुम भैया को प्रणाम,
ताकत तुम्हारे कदम चूम लेगी।
करते रहो तुम गुरु को प्रणाम,
शिक्षा तुम्हारे कदम चूम लेगी।।
प्रशांत दीक्षित
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