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1 अप्रैल मुर्ख दिवस पर कविता

1 अप्रैल मुर्ख दिवस || 1-April-fool-day

अप्रैल फूल दिवस पश्चिमी देशों में प्रत्येक वर्ष पहली अप्रैल को मनाया जाता है। कभी-कभी इसे ऑल फ़ूल्स डे के नाम से भी जाना जाता हैं। इसे व्यापक रूप से एक ऐसे दिन के रूप में मनाया जाता है जब एक दूसरे के साथ व्यावाहारिक परिहास और सामान्य तौर पर मूर्खतापूर्ण हरकतें की जाती हैं। इस दिन मित्रों, परिजनों, शिक्षकों, पड़ोसियों, सहकर्मियों आदि के साथ अनेक प्रकार की नटखट हरकतें और अन्य व्यावहारिक परिहास किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य होता है। बेवकूफ और अनाड़ी लोगों को शर्मिंदा करना।

अप्रैल फूल मनाना चाहिए (मुर्ख दिवस विशेष कविता)

1april fool day अप्रैल फूल मनाना चाहिए कभी-कभार हंसने हंसाने का,लोगों को बहाना चाहिए।हां!अपनों से मूर्ख बनके,अप्रैल फूल मनाना चाहिए। यूं कब तक जिन्दगी को,गंभीरता से जीते रहेंगे।इसे तो बेफिकरे बनके ,बिंदास बिताना चाहिए।हां अपनों से मूर्ख बनके,अप्रैल फूल मनाना चाहिए। हम सीखते हैं धोखा खाने से,जो सीखा न पाती ढेरों पोथी।जिन्दगी में…
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