नारी पर दोहे- डिजेन्द्र कुर्रे”कोहिनूर”

नारी पर दोहे ★★★★ नारी की यशगान हो ,नारी की ही रूप । नारी के सहयोग से,मिलते लक्ष्य अनुप।। नारी बिन कब पूर्ण है?एक सुखी परिवार। नारी जो सुरभित रहे,…

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व्यसन मुक्ति विषयक कविता- नशा शराबी जब तजे, करे जगत सत्कार(रमा)

रमा के रमणीय बोल 07/06/2020 देख शराबी की दशा, नशा करे मदमस्त।अपने तन की सुध नहीं, करता जीवन ध्वस्त।।नित्य शराबी मद्य का, करता है रसपान।लोग सदा निंदा करें, पाता जग…

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विश्वास

🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼 ~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा *विज्ञ* 🦢🦈 *गीत* 🦈 🦢 . 🦚 *विश्वास*🦚 . °°°°′ सत्ताधीशों की आतिश से, जलता निर्धन का आवास। राज महल के षडयंत्रों ने, सदा छला जन का विश्वास।…

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सृजन

🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢 ~~~~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा *विज्ञ* . 🦈 *दोहा छंद* 🦈 . 🦚🌼 *सृजन* 🌼🦚 . 👀👁👀 सृजन कर्म सूरज करे, सविता कह दें मान। चंद्र धरा की रोशनी, जग मण्डल की शान।।…

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जनता राजा-मनीभाई नवरत्न

(1) लोकतंत्र क्या है? स्वतंत्रता का पर्याय । जहाँ होती है जनता राजा, और चलती है उसके बनाये गये कानून । लोकतंत्र में, मंत्री होते हैं सेवक । चुने जाते…

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स्वरचित कविता :-कोरोना

स्वरचित रचना:- ■■■■■कोरोना■■■■■ वुहान चीन से फैल कोरोना , दुनियाभर में हाहाकार मचाया । छोटे बड़े सभी देशों में, खलबली मचाया ।। इटली अमेरिका जैसे, देश भी बच नहीं पाये…

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प्राण जाए तो जाए,

व्यंग्य रचना प्राण जाए तो जाए , फेर दारू तो मिल जाए ! कइसे जल्दी जुगाड़ होही, कोई ये तो बताए !! अब्बड़ दिन म खुले हावे, दाऊ भट्टी के…

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