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जनचेतना आधारित

नारी पर दोहे- डिजेन्द्र कुर्रे”कोहिनूर”

नारी पर दोहे ★★★★ नारी की यशगान हो ,नारी की ही रूप । नारी के सहयोग से,मिलते लक्ष्य अनुप।। नारी बिन कब पूर्ण है?एक सुखी परिवार। नारी जो सुरभित रहे,…

विश्वास

🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼 ~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा *विज्ञ* 🦢🦈 *गीत* 🦈 🦢 . 🦚 *विश्वास*🦚 . °°°°′ सत्ताधीशों की आतिश से, जलता निर्धन का आवास। राज महल…

सृजन

🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢 ~~~~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा *विज्ञ* . 🦈 *दोहा छंद* 🦈 . 🦚🌼 *सृजन* 🌼🦚 . 👀👁👀 सृजन कर्म सूरज…

जनता राजा-मनीभाई नवरत्न

(1) लोकतंत्र क्या है? स्वतंत्रता का पर्याय । जहाँ होती है जनता राजा, और चलती है उसके बनाये गये कानून । लोकतंत्र में, मंत्री होते हैं सेवक ।…