विश्वास अपेक्षा महत्व पर कविता

विश्वास अपेक्षा महत्व पर कविता

१.विश्वास

सफल रिश्ते का साँस है विश्वास
विश्वास की नींव पर
संसार टिका है साहब
कर विश्वास हर शख्स पर,
पर खुद से ज्यादा
न करो कभी किसी पर विश्वास।


२.अपेक्षा

अपेक्षा रखते हैं बहुत हम
कितने लोगों से किस हद तक
अपेक्षाएं रिश्तों को बाँधती हैं
पर जरुरत से ज्यादा
न रखो किसी से अपेक्षा।


३.महत्व

तुच्छ से तुच्छ वस्तु का
एक अपना महत्त्व होता है
किसी को न समझो महत्वहीन
पर हद से ज्यादा
न दो किसी को महत्व
विश्वास,अपेक्षा,महत्व
मेरी दृष्टि में ये तीन तत्व
बड़े अर्थपूर्ण है जीवन में।
पर जरुरत से ज्यादा हो तो
अदृश्य दरार बनता रिश्ते में।


✍सुकमोती चौहान “रुचि”
बिछिया (सा),तह- बसना,जि.- महासमुन्द,छ.ग.
मो.न.6265999951

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