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#सुकमोती चौहान ‘रूचि’

यहाँ पर हिन्दी कवि/ कवयित्री आदर० सुकमोती चौहान ‘रूचि’ के हिंदी कविताओं का संकलन किया गया है . आप कविता बहार शब्दों का श्रृंगार हिंदी कविताओं का संग्रह में लेखक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा किये हैं .

काम पर कवितालाख निकाले दोष, काम होगा यह उनका। उन पर कर न विचार, पाल मत खटका मन का। करना है जो काम, बेझिझक करते चलना।टाँग खींचते लोग, किन्तु राही मत रुकना। कुत्ते सारे भौंकते, हाथी रहता मस्त है। अपने मन की जो सुने, उसकी राह प्रशस्त है।ये दुनिया है यार, चले बस दुनियादारी। बन जायेगा बोझ, शीश पर…
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