जिंदगी पर कविता

जिंदगी पर कविता

रंगीन टेलीविजन-सी यह ज़िन्दगी
लाइट गुल होने पर
बंद हो जाती है अचानक
काले पड़ जाते हैं इसके पर्दे
बस यूँ ही–
अचानक थम जाती है
हमारी उम्र
और थम जाते हैं
जीवन और मृत्यु के अहसास
और सारे रहस्य।

— कुलमित्र
9755852479

बहार
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