यहाँ पर हिन्दी कवि/ कवयित्री आदर०नरेन्द्र कुमार कुलमित्रके हिंदी कविताओं का संकलन किया गया है . आप कविता बहार शब्दों का श्रृंगार हिंदी कविताओं का संग्रह में लेखक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा किये हैं .

मातृ दिवस मई (दूसरा रविवार) MOTHER'S DAY 2ND SUNDAY OF MAY MONTH
मातृ दिवस मई (दूसरा रविवार) MOTHER'S DAY 2ND SUNDAY OF MAY MONTH

 2nd रविवार मई मातृ दिवस पर हिंदी कविता

मातृपितृ पूजा दिवस भारत देश त्योहारों का देश है भारत में गणेश उत्सव, होली, दिवाली, दशहरा, जन्माष्टमी, नवदुर्गा त्योहार मनाये जाते हैं। कुछ वर्षों पूर्व मातृ पितृ पूजा दिवस प्रकाश में आया। आज…

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

अनजान लोग – नरेंद्र कुमार कुलमित्र

अनजान लोग HINDI KAVITA || हिंदी कविता कितने अच्छे होते हैं अनजान लोगउनको हमसे कोई अपेक्षा नहीं होतीहमें भी उनसे कोई अपेक्षा नहीं होतीहम गलत करते हैंकि अनजानों से हमेशा…

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

मौत की आदत – नरेंद्र कुमार कुलमित्र

मौत की आदत - नरेंद्र कुमार कुलमित्र सुबह-सुबह पड़ोस के एक नौजवान की मौत की खबर सुनाएक बार फिरअपनों की तमाम मौतें ताजा हो गईअपनी आंखों से जितनी मौतें देखी…

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kavi ki kalam
kavi ki kalam

भूख पर कविता

भूख पर कविता kavi ki kalam भूख केवल रोटी और भात नहीं खातीवह नदियों पहाड़ों खदानों और आदमियों को भी खा जाती हैभौतिक संसाधनों से परेसारे रिश्तों और सारी नैतिकताओं…

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धर्म की कृत्रिमता पर कविता-नरेंद्र कुमार कुलमित्र

धर्म की कृत्रिमता पर कविता kavita bahar कृत्रिम होती जा रही है हमारी प्रकृति-03.03.22----------------------------------------------------हिंदू और मुसलमान दोनों कोठंड में खिली गुनगुनी धूप अच्छी लगती हैचिलचिलाती धूप से उपजी लू के…

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बेखबर स्त्रियां – नरेंद्र कुमार कुलमित्र

बेखबर स्त्रियां-25.03.22 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day ---------------------------------------------स्त्रियों के सौंदर्य का अलंकृत भाषा में नख से शिख तक मांसल चित्रण किए गएश्रृंगार रस में डूबे…

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kavi ki kalam
kavi ki kalam

मुफ्त की चीज पर कविता

मुफ्त की चीज पर कविता kavi ki kalam मुफ्त की चीजों से..19.03.22---------------------------------------------हमारी आदत सी हो गई हैकि हमें सब कुछ मुफ्त में चाहिएभिखारियों की तरह हम मांगते ही रहते हैंराशन…

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kavita-bahar
kavita-bahar

फिर से लौट आएगी खूबसूरत दुनियां

फिर से लौट आएगी खूबसूरत दुनियां पिछले कुछ दिनों सेमैंने नहीं देखा है रोशनी वाला सूरजताज़गी वाली हवाखुला आसमानखिले हुए फूलहँसते-खिलखिलाते लोगएक-एक दिनदेह में होने का ख़ैर मनाती आ रही…

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21 मार्च विश्व कविता दिवस 21 March World Poetry Day
21 मार्च विश्व कविता दिवस 21 March World Poetry Day

कविता की पौष्टिकता –

विश्व कविता दिवस प्रतिवर्ष २१ मार्च को मनाया जाता है। यूनेस्को ने इस दिन को विश्व कविता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा वर्ष 1999 में की थी जिसका…

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