November 2019

मोर मया के माटी-राजेश पान्डेय वत्स

हिंदी कविता

मोर मया के माटी छत्तीसगढ़ के माटीअऊ ओकर धुर्रा। तीन करोड़ मनखेसब्बौ ओकर टुरी टुरा।।  धान के बटकी कहाय,छत्तीसगढ़ महतारी। अड़बड़ भाग हमर संगीजन्में येकरेच दुआरी।।  एकर तरपांव धोवय बरआइन पैरी अरपा। महानदी गंगा जईसनखेत म भरथे करपा।।  मया के बोली सुनबे सुघ्घरछत्तीसगढ़ म जब आबे। अही म जनमबे वत्स तैं, मनखे तन जब पाबे।।  —-राजेश

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प्रेम का मर जाना

हिंदी कविता

प्रेम का मर जाना डॉ सुशील शर्मा प्रेम का मरना ही आदमी का मरना हैजब प्रेम मरा था तोबलि प्रथा सती प्रथा उगी थींप्रेम के मरने पर हीधरती की सीमायें सिमट जातीं है।महाद्वीप ,देश ,प्रदेश ,भाषाओंजाति समुदाय ,मनुष्य ,जानवर का भेद होता है। प्रेम मरता है तोहिटलर ,मुसोलिनी ,औरंगजेबबगदादी ,ओसामा पैदा होते हैं।प्रेम मरता है

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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर कविता

हिंदी कविता

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर कविता चलो नवा सुरुज परघाना हे छत्तीसगढ़ राज्य पायेहनचलो नवा सुरुज परघाना हे !भारत माता के टिकली सहिक….छत्तीसगढ़ ल चमकाना हे !! जेन सपना ले के राज बने हेसाकार हमला करना हे!दिन -दुगनी ,रात -चौगुनीआगे -आगे बढ़ना हे !सरग असन ये भुईया ल….चक- चक ले चमकाना हे!! मिसरी असन भाखा

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हरि का देश छत्तीसगढ़-बाँके बिहारी बरबीगहीया

हिंदी कविता

हरि का देश छत्तीसगढ़ आर्यावर्त के हृदय स्थल परछत्तीसगढ़ एक नगर महान।कर्मभूमि रही श्रीराम प्रभु कीसंत गाहीरा,घासीदास बड़े विद्वान।संस्कृति यहाँ की युगों पुरानीअदृतीय धरा यह पावन धाम ।यहाँ धर्म की गंगा अविरल बहतीकहता है सब वेद पुराण ।नित दिन बरसे यहाँ हरि कृपालोग प्रेम सुधा का करें रसपान।जीवन धन्य हो जाता उनकाइस पावन प्रदेश में

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