गुण की पहचान पर कविता
हिंदी कवितागुण की पहचान पर कविता वन में दो पक्षी, दिख रहे थे एक समान।कौन हंस है कौन बगुला, कौन करे पहचान। बगुला बड़ा था घमंडी, कहता मेरे गुण महान।तेज उड़ सकता हूं तुझसे, कह रहा था सीना तान। झगड़ा सुनकर कौवा आया, श्रेष्ठता के लिए करो उड़ान।नम्र भाव से होकर हंस तैयार, उड़ चला दूर […]
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