माँ का प्रेम (कविता)
14 फरवरी कहते हैं—
प्रेम का दिन है,
लाल गुलाब,
और कहे गए वादों का दिन है।
पर मेरे जीवन का
सबसे पुराना प्रेम
किसी कार्ड में नहीं,
माँ की हथेलियों में लिखा है।
जब दुनिया ने
मूल्य माँगा,
माँ ने
ममता दे दी।
मेरी हर हार को
आँचल में छुपाकर
मेरी हर जीत से पहले
माँ ने प्रार्थना रख दी।
वैलेंटाइन बदलते रहे,
नाम और चेहरे बदल गए,
पर माँ—
हर जन्म में
एक ही रही।
आज 14 फरवरी है,
तो कहने दो मुझे—
माँ,
तुम ही
मेरा पहला,
मेरा सच्चा
वैलेंटाइन हो।
