आती है खुशियां थोक में

आती है खुशियां थोक में

आती है खुशी थोक में,तेरे आने से ।
झरती है मोती लब में, मुस्कुराने से ।
यह असर है तेरी दोस्ती का
जो दी है तुमने मुझे, तुमसे दिल लगाने से ।।
इंतजार रहता है तेरा,

मुझे सांसो से ज्यादा ।
भूलूं कैसे तुमसे की हुई हर वादा ।
कब छुपी है यह प्यार लाख छुपाने से ।।

गुलाबी हुई गुलाब सा

तेरे चेहरे की रंगत ।
शराबी हुई हालात पाके तेरी संगत ।।
तुझे पाकर लगा मैं दीवाना जमाने से।।

Lyrics By : Mani Bhai Navratna

मनीभाई नवरत्न

यह काव्य रचना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना ब्लाक क्षेत्र के मनीभाई नवरत्न द्वारा रचित है। अभी आप कई ब्लॉग पर लेखन कर रहे हैं। आप कविता बहार के संस्थापक और संचालक भी है । अभी आप कविता बहार पब्लिकेशन में संपादन और पृष्ठीय साजसज्जा का दायित्व भी निभा रहे हैं । हाइकु मञ्जूषा, हाइकु की सुगंध ,छत्तीसगढ़ सम्पूर्ण दर्शन , चारू चिन्मय चोका आदि पुस्तकों में रचना प्रकाशित हो चुकी हैं।

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