आध्यात्म और भक्ति

स्त्री का स्वाभिमान: हिंदी कविता जो जगा दे चेतना

आध्यात्म और भक्ति

इस कविता में इस कविता में स्त्री का स्वाभिमान के भावपूर्ण स्वर के माध्यम से नारी की गरिमा, संघर्ष, आत्मबल और समकालीन समाज में उसकी पहचान को ओजपूर्ण अभिव्यक्ति दी गई है। भूमिका स्त्री का स्वाभिमान केवल एक भावना नहीं, वह अस्तित्व की जड़ है।वह मौन में भी गर्जना है, आँसुओं में भी अग्नि है।समय […]

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गुरू घासीदास जी

गुरू घासीदास जी पर हिंदी कविता

आध्यात्म और भक्ति

गुरू घासीदास छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले के गिरौदपुरी गांव में पिता महंगुदास जी एवं माता अमरौतिन के यहाँ अवतरित हुये थे गुरू घासीदास जी सतनाम धर्म जिसे आम बोल चाल में सतनामी समाज कहा जाता है, के प्रवर्तक थे। विकिपीडिया गुरू घासीदास जी पर हिंदी कविता चलसंगी गिरौद जाबो, बबा के धाम हे ।गुरु के

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स्वामी विवेकानन्द : जागरण का महागान / मनीभाई नवरत्न

आध्यात्म और भक्ति

स्वामी विवेकानन्द : जागरण का महागान (अतुकांत, मौलिक कविता) भारत की भूमिवह तपोभूमि हैजहाँ ऋषियों की वाणीअभी भी वायु में गूँजती है।उसी भूमि नेउन्नीसवीं शताब्दी मेंएक ऐसी तेजस्वी आत्मा को जन्म दियाजिसने आत्मा की रोशनी सेसमूची मानवता को दिशा दी—स्वामी विवेकानन्द। वे केवल संन्यासी नहीं थे,वे आधुनिक युग के महर्षि थे—तर्क और श्रद्धा का अद्भुत

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सरदार पटेल

सरदार पटेल : अदम्य इच्छाशक्ति का पथ / मनीभाई नवरत्न

आध्यात्म और भक्ति

सरदार पटेल : अदम्य इच्छाशक्ति का पथ (अतुकांत कविता) राष्ट्र एक व्यक्ति के कारण महान नहीं होता,पर कभी-कभीएक व्यक्तिराष्ट्र की रीढ़ बन जाता है।कठोरता जिसे लोग कठोरता समझते हैं,वह भीतर जलते हुए कर्तव्य का ताप होता है।सरदार पटेलउसी ताप से बनेवही लौह बनाजिसने एक बिखरे देश कोएक धड़कन में जोड़ा। करमसद की मिट्टीसाधारण थीपर उससे

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Surdas

सूरदास : एक जागृति-यात्रा – मनीभाई नवरत्न

आध्यात्म और भक्ति, हिंदी कविता

सूरदास : एक जागृति-यात्रा (अतुकांत कविता) कविता का आरम्भ वहीं होता हैजहाँ मन प्रश्न करता है—दृष्टि का मूल्य क्या है?दिखाई देने वाली दुनिया बड़ी हैया भीतर जलती हुई अनुभूति?और तभी कोई सूरदास-सा मनुष्यएक अंधकार को रोशनी में बदल देता है। सीही हो या रुनकता—स्थान बदल जाता है,पर प्रतिभा का स्रोत नहीं।1540 के आसपास जन्मा एक

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शिवाजी : मेरे आदर्श पुरुष – मनीभाई नवरत्न

आध्यात्म और भक्ति, हिंदी कविता

शिवाजी : मेरे आदर्श पुरुष (अतुकांत कविता) भारत की धरा परजब अन्याय का अंधेरा गहराता गया,जब धर्म, संस्कृति और आत्मगौरवजकड़नों में सिसकने लगे—तभी उठे एक प्रकाश-पुरुष,एक ज्योति जो दिशा भी बनी और संघर्ष भी।यह ज्योति थी—मेरे आदर्श पुरुषछत्रपति शिवाजी महाराज। उनका जन्म शिबनेरी के किले में हुआ—पर वे किले की दीवारों तक सीमित न रहे।जीजामाता

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गुरु गोविन्दसिंह — मनीभाई नवरत्न

आध्यात्म और भक्ति, हिंदी कविता

गुरु गोविन्दसिंह — मनीभाई नवरत्न एक ओर शत्रुओं को तलवार से ललकारने वाला,दूसरी ओर कलम से काव्य के मोती बीनने वाला,हाथ पर बाज और हृदय में करुणा छिपाए,धर्म, मानवता और राष्ट्रधर्म के लिएअथक खड़े रहने वाला—वह विलक्षण पुरुष थे गुरु गोविन्दसिंह। पटना की धरती पर23 दिसम्बर 1666 को जन्मेएक प्रकाश…जो आगे चलकरभय और अन्याय के

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तुलसी विवाह पर कविता

आध्यात्म और भक्ति, हिंदी कविता

तुलसी विवाह पर कविता पौराणिक कथा पर आधारित है और वृंदा और भगवान विष्णु के अवतार जालंधर की कहानी को प्रस्तुत करती है। गंगा द्वारा श्रीहरि को श्राप देने से लक्ष्मी को धरती पर दो रूपों में जन्म लेना पड़ा – एक वृंदा के रूप में, जिसने कठिनाइयों का सामना किया और दूसरी पद्मा नदी

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कवि / कविता पर कविता/ राजकुमार ‘मसखरे

आध्यात्म और भक्ति

कवि / कविता पर कविता/ राजकुमार ‘मसखरे आज़कल  कवि  होते नही हैंवे सीधे ही  कवि बन जाते हैं,कुछ लिखने व मंथन से पहलेकोई  नकली  ‘नाम’ जमाते हैं ! यही कोई ‘उपनाम’ लिख करफिर नाम  मे ‘कवि’  लगाते हैं,दो,चार रचना क्या लिख डाले‘भाँटा-मुरई’ को सही बताते हैं ! ‘पताल चटनी’ लिख- लिख करये समृद्ध साहित्यकार कहाते

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शरद पूर्णिमा पर कविता

शरद पूर्णिमा / डॉ. मनोरमा चन्द्रा ‘रमा’

आध्यात्म और भक्ति, हिंदी कविता

शरद पूर्णिमा हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है, जिसे भारत के विभिन्न भागों में बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है। इसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। शरद पूर्णिमा अश्विन महीने  की पूर्णिमा को मनाई जाती है और इसे विशेष रूप से चंद्रमा से जुड़े धार्मिक और

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देश भक्ति गीत – सुशी सक्सेना

आध्यात्म और भक्ति, हिंदी कविता

इश्क ऐ वतन इश्क ओ उल्फत कुछ हमें भी है इस वतन से।कुछ कर गुजेरेंगे, इक रोज़ हम भी तन मन से। गुलशन अपने वतन का जार जार न होने देंगे।इसकी किसी भी कली को बेजार न होने देंगे। अमर शहीदों की अमानत को संभाल कर रखेंगे।प्यारे वतन को हर मुश्किल से निकाल कर रखेंगे।

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दया कर दान भक्ति का ( Daya kar daan bhakti ka -SCOUT SONG)

आध्यात्म और भक्ति, हिंदी कविता

दया कर दान भक्ति का ( Daya kar daan bhakti ka -SCOUT SONG) दया कर दान भक्ति का , हमें परमात्मा देना। दया करना हमारी आत्मा में शुद्धता देना। हमारे ध्यान में आओ , प्रभु आँखों मे बस जाओ। अंधेरे दिल मे आकर के , परम् ज्योति जगा देना। दया कर ………………………………………। हमारा कर्म हो

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