मनीभाई नवरत्न की कविता

💖 प्रेम और करुणा / मनीभाई नवरत्न

प्रेम और रिश्ते, समाज और यथार्थ, हिंदी कविता

प्रेम और करुणा पर प्रेरक हिंदी लेख। जानिए कैसे सच्चा प्रेम करुणा में बदलकर जीवन को सकारात्मक और अर्थपूर्ण बनाता है।

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बसंत और बदलाव / मनीभाई नवरत्न

मन और भावनाएँ

बसंत और बदलाव पर प्रेरक हिंदी लेख। जानिए कैसे बसंत ऋतु हमें जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और नए आरंभ की प्रेरणा देती है।

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आकाश और विश्वास / बेटी और पत्नी को उड़ान भरने की प्रेरणा देती मनीभाई की कविता

प्रेरणा और सकारात्मकता

बेटी और पत्नी को उड़ान भरने की प्रेरणा देती मनीभाई की कविता मत बाँधो उसेरिश्तों की परिभाषाओं में,वह बेटी है तो आकाश भी है,वह पत्नी है तो विश्वास भी है। उसके सपनों परसंदेह की छाया मत डालो,वह जिस दिशा में बढ़ेवहीं सूरज उगने दो। बेटी को कहो —“तेरे पंख मेरे आशीर्वाद से मज़बूत हैं,तू गिर

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शांत—और इसलिए खतरनाक

हिंदी कविता

शांत—और इसलिए खतरनाक एक शांत मनुष्यकमज़ोर नहीं होता। वह खतरनाक होता है। क्योंकिउसके भीतरसंदेह नहीं होता—औरजिसे संदेह नहीं,उसे बहकाया नहीं जा सकता। उसके पासकुछ पाने कीजल्दी नहीं होती—औरजिसे कुछ पाना नहीं,उसे ग़ुलाम नहीं बनाया जा सकता। सच्चा विश्रामझूले में लटकना नहीं है।बिस्तर में सिमटना नहीं है। सच्चा विश्रामतूफ़ान के बीच स्थिर रहना है। पसीने में

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खुद को हराओ/ मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

दूसरों को हराने से पहलेएक युद्ध भीतर लड़ा जाता है।वहाँ न कोई तालियाँ होती हैं,न कोई गवाह—सिर्फ़ तुमऔर तुम्हारी आदतें।खुद को हरानाअपनी सुविधा को चुनौती देना है,अपने अहंकार सेआँख मिलाना है।यह जीतकिसी मंच पर नहीं चढ़ती,यह चुपचापचरित्र में उतरती है।जो अपने डर से भागता हैवह दूसरों को केवल दबा सकता है,हरा नहीं सकता।जो अपनी भूख

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दर्द के व्यापारी को देख लो/ मनीभाई नवरत्न

विरह और दर्द, हिंदी कविता

दर्द के व्यापारी को देख लो जिसे देखकरतुम अपने दर्द से लड़ते हो,जिसे पाकरतुम थोड़ी देर जी लेने की हिम्मत जुटाते हो—उसी दर्द का सौदागरतुम्हारे सामने मुस्कुरा कर खड़ा है। वह पहलेतुम्हारे भीतर एक कमी पैदा करता है,फिर उसी कमी का इलाज बनकर आता है।वह घाव देता हैऔर मरहम की कीमत तय करता है।तुम्हारी बेचैनीउसकी

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पहला प्रेम / मनीभाई नवरत्न

प्रेम और रिश्ते, हिंदी कविता

पहला प्रेम हमारा पहला प्रेमनहीं होना चाहिए किसी और से ।वह होना चाहिए हमारीअपनी ही सर्वोच्च संभावना से —एक उग्र, अडिग, अविराम प्रेम। प्रेम की गुणवत्तानहीं हो सकती अलगहमारे जीवन की गुणवत्ता से ।यदि औसतपन मेंजीवन भीगा हुआ है,तोकैसे दिव्य होगा प्रेम?पर हम तो चाहते हैंपरीकथाओं जैसा प्रेम—और स्वयं डरे हुए,लालची, छोटे जीवन जीते हैं।

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सच्चा प्रेम / मनीभाई नवरत्न

प्रेम और रिश्ते, हिंदी कविता

सच्चा प्रेम सच्चा प्रेमसुख नहीं देता।वह परीक्षा लेता है।खींचता है।तोड़ता है।वह शिल्पकार की छेनी है—जो निर्दयता सेअनगढ़ पत्थर पर पड़ती है,जब तकरूप प्रकट न हो जाए। जो तुम्हेंपूर्ण संतोष दे सकता है,वह तुम्हेंवैसा ही रहनेकभी नहीं देगाजैसे तुम हो।विस्तारकेवल विस्तृत कोमिलता है।और विस्तृत होने के लिएतुम्हें छोटा होनाछोड़ना पड़ेगा। तुम वही बनते होजिसे तुम सच

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पत्ता, पेट और पृथ्वी

पत्ता, पेट और पृथ्वी / मनीभाई नवरत्न

समाज और यथार्थ

पत्ता, पेट और पृथ्वी हम खड़े हैं एक ऐसे समय मेंजहाँ सवालरोटी बनाम रोज़गार का नहीं,रोटी बनाम भविष्य का है।तेंदूपत्ता अब केवल पत्ता नहीं रहा—वह नीति है, मजबूरी है,हमारी सामूहिक चुप्पी काहरा दस्तावेज़ है। मनुष्य कहता है—मेरे बच्चे हैं,मेरी भूख है,विकल्प नहीं मेरे पास ।जबकिविकल्प हमेशा होता है,बस हम टालते रहते हैं उसे।जो जलती है

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वही डूबना तैरना है / मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

वही डूबना तैरना है जो सच में सार्थक है,उसमें जब तुम डूबते हो,तो फालतू बातेंदरवाज़े पर आकर भीअंदर नहीं आ पातीं। वे दस्तक देती हैं,पर भीतर कोई खाली नहीं मिलता—मन किसी सच्ची उपस्थिति सेभरा हुआ होता है। पर सावधान।हर डूबना मुक्ति नहीं होता। कुछ डूबनाबेहोशी की तरह होता है—जहाँ चिंता इसलिए नहीं मिटतीकि हल मिल

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लक्ष्य / मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

ऐसा लक्ष्य चुनो, जहाँ पहुँचा ही न जा सके ऐसा लक्ष्य मत चुनो कि जो पूरा हो जाए।बल्कि ऐसा लक्ष्य चुनोजो हमें आख़िरी साँस तकचलाए रखे।क्योंकि जिस दिनहम कहते हैं कि —मैं पहुँच गया अपने लक्ष्य तक —उसी दिनपतन शुरू हो जाता है। पूर्णता का भ्रमसबसे बड़ा विश्राम है।और विश्रामअहंकार का प्रिय आसन।इसलिए उद्देश्यइतना ऊँचा

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चुनाव / मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

चुनाव सारी असहायताऔर दोषारोपणएक अभिनय है।सबसे कमज़ोर क्षण में भीहम इतने सक्षम होते हैंकि चुनाव कर सकें।और यही वह शक्ति हैजो हमें दिल के सबसे पासरखना चाहिए। कोई भी स्थितिइतनी अँधेरी नहीं होती किसही चुनाव से हमेंछूट मिल जाए।और कोई भी स्थितिइतनी उजली नहीं होती किसही चुनावअनावश्यक हो जाए। सुख हो या दुःख,स्पष्टता हो या

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