खोल से बाहर
मन और भावनाएँखोल से बाहर आकाश से प्रेमकोई भावना नहीं है।वह एक असहजता है—उस हर सीमा के प्रतिजिसे तुमने कभीघर मान लिया था। हर जीवनकिसी न किसी खोल मेंशुरू होता है।खोल सुरक्षा देता है,ऊष्मा देता है,पहचान देता है।शुरुआत मेंवह आवश्यक होता है। पर जो आवश्यक था,वहीस्थायी नहीं हो सकता। एक बिंदु आता हैजब वही खोलजिसने बचाया था,दम


