बसंत और बदलाव / मनीभाई नवरत्न
मन और भावनाएँबसंत और बदलाव पर प्रेरक हिंदी लेख। जानिए कैसे बसंत ऋतु हमें जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और नए आरंभ की प्रेरणा देती है।
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बसंत और बदलाव पर प्रेरक हिंदी लेख। जानिए कैसे बसंत ऋतु हमें जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और नए आरंभ की प्रेरणा देती है।
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समझजानकारी नहीं है।जो पढ़ ली जाए,याद कर ली जाए—वह समझ नहीं। समझवह हैजो देखने के बादबदलने को विवश कर दे। जो सच दिखा देऔर फिरपुराना बने रहनाअसंभव कर दे—वही समझ है। समझभावना नहीं है।आँसू आ जाएँ,दिल भर आए—यह संवेदना हो सकती है,समझ नहीं। समझतब होती हैजब आँसू नहीं,भ्रम गिरते हैं। जबदोष देना छूटता है,शिकायत थमती
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श्रीमती इंदिरा गांधी -मनीभाई नवरत्न (मौलिक, अतुकांत, संपूर्ण जीवन-गाथा समाहित कविता) एक बच्ची—जिसके जन्म पर सरोजिनी ने कहा था,“तुम्हारे घर में भारत की नयी भावना ने जन्म लिया है”—वह धीरे-धीरेभारत की आत्मा में धड़कने लगी। आनंद भवन की शांत गलियों में,राजनीति की आहटउसके खेल की धुन में घुली रही।माँ कमला की बीमारी,पिता नेहरू की दूर
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पं० जवाहरलाल नेहरू -मनीभाई नवरत्न इतिहास के पन्नों परएक नामगुलाब की पंखुड़ी–सा कोमल,पर संघर्ष की आग–सा प्रखर—जवाहरलाल नेहरू। राजसी वैभव में जन्मे,पर मन में सादगी का उजाला लिए;14 नवम्बर 1889—मोतीलाल नेहरू की शान,स्वरूप रानी की आँखों का तारा।घर के शिक्षकों से सीखा पहला अक्षर,और जल्द ही इंग्लैण्ड का मार्गउनकी सीख का विस्तार बन गया। हैरो
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इस दोहों की श्रृंखला में करवा चौथ के त्यौहार का सुंदर चित्रण किया गया है, जिसमें सुहागिनें अपने पति की दीर्घायु और सुखमय जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। दिनभर की पूजा-अर्चना के बाद, वे चंद्रमा का दर्शन कर व्रत खोलती हैं और अपने पति के प्रति अमिट प्रेम और समर्पण को प्रकट
सुहागिनों का प्रेम और आस्था का त्यौहार / डॉ एन के सेठी Read More »
यह कविता एक पतिव्रता स्त्री की भावनाओं और समर्पण को दर्शाती है, जो करवा चौथ के व्रत के दौरान अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है। वह पूरे दिन व्रत रखती है, सोलह श्रृंगार करती है, मां पार्वती की कथा सुनती है और अपने सुहाग की सलामती की प्रार्थना करती है।
पति-व्रता की प्रार्थना / शिवराज सिंह चौहान Read More »
शिवकुमार श्रीवास “लहरी” छत्तीसगढ़ के एक प्रसिद्ध कवि हैं। उनकी यह कविता “ददरिया” छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और विशेषकर ददरिया गीत पर केंद्रित है। ददरिया छत्तीसगढ़ का एक लोकप्रिय गीत है जो अपनी भावुकता और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। कवि ने इस कविता के माध्यम से ददरिया गीत की सुंदरता, उसके
शिवकुमार श्रीवास “लहरी” छत्तीसगढ़ के एक प्रसिद्ध कवि हैं। उनकी यह कविता ” नाचा” छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और विशेषकर कुंडली विधा पर केंद्रित है। कुंडली नाच छत्तीसगढ़ का एक लोकप्रिय नृत्य है जो अपनी अनूठी शैली और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। कवि ने इस कविता के माध्यम से कुंडली नाच
शिवकुमार श्रीवास “लहरी” द्वारा रचित यह रोला छंद की कविता, छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय नृत्य सुवा को बड़े ही मार्मिक ढंग से चित्रित करती है। कवि ने अपने शब्दों से सुवा नृत्य की जीवंतता, महिलाओं की भावनाओं और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया है। रोला छंद- सुवा नृत्य भिन्न-भिन्न परिधान, पहन कर महिला
जिगर मुरादाबादी (असली नाम: अली सिकंदर) उर्दू शायरी के मशहूर शायरों में से एक थे। उनकी शायरी में गहरी भावनाओं और प्रेम की झलक मिलती है। जिगर मुरादाबादी की ग़ज़लें और शेर आज भी शायरी प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उनकी शायरी में इश्क़, दर्द, और ज़िन्दगी के अनुभवों का सुंदर चित्रण मिलता है।
जिगर मुरादाबादी की शायरी Read More »
गीतकार : मनीभाई नवरत्न गीत: “राखी का बंधन”** अंतरा 1:(brother voice)राखी का बंधन है, रिश्तों की पूजा , रिश्तों के इस धागे में, प्यार है छुपा ।(sister voice)तू है मेरा भाई, तू ही मेरा साया, मेरे इस जीवन को, खुशी से सजाया। कोरस:* रिश्तों की इस डोर में, बंधा है दिल हमारा, बहना के बिना
राखी का बंधन/ मनीभाई नवरत्न Read More »
दही हाण्डी भारतीय त्योहारों का एक उल्लासपूर्ण हिस्सा है, खासकर महाराष्ट्र में, जहां इसे बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रस्तुत है एक कविता जो दही हाण्डी के उत्साह, आनंद और सामाजिक एकता को दर्शाती है: दही हाण्डी का उत्सव मधुर मिलन का पर्व आया,दही हाण्डी का उल्लास लाया,हर गली, हर चौक
दही हाण्डी का उत्सव Read More »