हास्य और व्यंग्य

जीवन और संगीत है एक दूसरे के पूरक

हास्य और व्यंग्य, हिंदी कविता

जीवन और संगीत है एक दूसरे के पूरक जीवन और संगीत है एक दूसरे के पूरक।संगीत है हर समय और स्थिति की जरूरत। लोरी है जीवन का पहला संगीत। प्रकृति की हर वस्तु में जीवन का उदगीत। ईश्वर की भक्ति में संगीत। माता की शक्ति में संगीत। मंदिर के शंखनाद में संगीत। मस्जिद की अजान

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आज जिंदगी बेमानी हो गई है – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

हास्य और व्यंग्य, हिंदी कविता

इस कविता में वर्तमान सामाजिक परिदृश्य को समाहित किया गया है |
आज जिंदगी बेमानी हो गई है – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

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जिंदगी- कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

हास्य और व्यंग्य, हिंदी कविता

इस कविता के माध्यम से जिन्दगी में होते उतार – चढ़ाव , मुश्किलों से सामना करते हुए आगे बढ़ने को प्रेरित किया गया है |
जिंदगी- कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

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atal bihari bajpei

क़दम मिला कर चलना होगा / अटल बिहारी वाजपेयी

हास्य और व्यंग्य, हिंदी कविता

क़दम मिला कर चलना होगा / अटल बिहारी वाजपेयी बाधाएँ आती हैं आएँघिरें प्रलय की घोर घटाएँ,पावों के नीचे अंगारे,सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ,निज हाथों में हँसते-हँसते,आग लगाकर जलना होगा।क़दम मिलाकर चलना होगा। हास्य-रूदन में, तूफ़ानों में,अगर असंख्यक बलिदानों में,उद्यानों में, वीरानों में,अपमानों में, सम्मानों में,उन्नत मस्तक, उभरा सीना,पीड़ाओं में पलना होगा।क़दम मिलाकर चलना होगा।

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तिजा उपास (हास्य कविता)

हास्य और व्यंग्य, हिंदी कविता

तिजा उपास (हास्य कविता) तिजा उपास रहे बर, काल करू भात खाय हे ।बिहना ले दरपन ला संगवारी बनाय हे।। 1 क‌ई किसीम रोटी पीठा झटपट बनात हे ।उठ उठ के आत हे, लस ले सुत जात हे।। 2 ल‌इका मन रोटी के,सुगंध ला पात हे ।सुंग सुंग ल‌इका मन चुलहा तीर जात हे।। 3

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शांति पर कविता -नरेन्द्र कुमार कुलमित्र

हास्य और व्यंग्य, हिंदी कविता

शांति पर कविता  हम कैसे लोग हैंकहते हैं—हमें ये नहीं करना चाहिएऔर वही करते हैंवही करने के लिए सोचते हैंआने वाली हमारी पीढियां भीवही करने के लिए ख़्वाहिशमंद रहती हैजैसे नशाजैसे झूठजैसे अश्लील विचार और सेक्सजैसे ईर्ष्या-द्वेषजैसे युद्ध और हत्याएंऐसे ही और कई-कई वर्जनाओं की चाह हम नकार की संस्कृति में पैदा हुए हैंहमें नकार सीखाया

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