जीवन का अमृत है संगीत (विश्व संगीत दिवस पर कविता)

जीवन का अमृत है संगीत (विश्व संगीत दिवस पर कविता)



व्यथित जीवन में सुख का,
एहसास कराता है संगीत।
गम के बादलों से घिरे मन को,
शांत कराता है संगीत।



दुख सागर में,अटके जीवन नैया,
उसको भी पार लगाता है संगीत।
जीवन के हर मोड़ पर ,
साथ निभाता है संगीत।



दुख या गम हो कितने जीवन में,
खुशियों की सौगात लाता है संगीत।
सोए हुए अंतरात्मा को भी,
पल भर में जगाता है संगीत।

घातक रोग से पीड़ित मन को,
प्रतिरोधक बन जिलाता है संगीत।
औषधि बनकर कितनो के?
जीवन बचाता है संगीत।



प्रेम, भक्ति,और संतोषभाव,
मन में जगाता है संगीत।
अनर्थ और बुरे कर्मो से,
ध्यान हटाता है संगीत।



हर गम और झगड़े भुलाकर,
प्रेम और मित्रता सिखाता है संगीत।
मृत काया में भी अमृत बन,
प्राण फूंक जाता है संगीत।



सच्चा साथी बनकर मानव को,
मानव से मिलाता है संगीत।
सारे गम दुख को मिटाकर,
सही राह दिखाता है संगीत।



जब जब संगत करता हूं,
मेरा हौसला बढ़ाता है संगीत।
जीवन जीने की हमे,
कला सिखलाता है संगीत।



जीवन के हर मोड़ पर,
मेरा मीत है संगीत।
जीवनरक्षक और प्राणदायिनी,
जीवन का अमृत है संगीत।


महदीप जंघेल
निवास – खमतराई
विकासखंड-खैरागढ़
जिला -राजनांदगांव( छ.ग)

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