मां शारदे नमन लिखा दे

मां शारदे नमन लिखा दे

नमन् लिखा दे
. १६,१४
वीणा पाणी, ज्ञान प्रदायिनी,
ब्रह्म तनया माँ शारदे।
सतपथ जन प्रिय सत्साहित,हित
कलम मेरी माँ तार दे।

मात शारदे नमन् लिखादे,
धरती, फिर नभ मानों को।
जीवनदाता प्राण विधाता,
मात पिता भगवानों को।

मात शारदे नमन लिखा दे,
सैनिक और किसानों को।
तेरे वरद पुत्र,माँ शारद,
गुरु, कविजन, विद्वानों को।

मात शारदे नमन लिखा दे,
भू पर मरने वालों को।
अपना सर्व समर्पण कर के,
देश बचाने वालों को।

मात शारदे नमन लिखा दे,
संसद अरु संविधान को।
मातृ भूमि की बलिवेदी पर,
अब तक हुए बलिदान को।

मात् शारदे नमन् लिखा दे,
जन मन मान कल्याण को।
भारत माँ के सत्य उपासक,
श्रम के पूज्य इंसान को।

मात शारदे नमन लि खादे,
माँ भारती के गान को।
मैं तो प्रथम नमामि कहूँगा,
माँ शारदे वरदान को।
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बाबू लाल शर्मा”बौहरा” विज्ञ

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