रंगों की क्रांति: जागती चेतना की हिंदी कविता
समाज और यथार्थइस कविता में रंगों की क्रांति हिंदी कविता में समाज की चेतना, परिवर्तन की पुकार और मनुष्य की जागती आत्मा का ओजपूर्ण चित्रण किया गया है। भूमिका कभी-कभी इतिहास केवल शब्दों से नहीं बदलता,वह बदलता है रंगों से —क्रोध के लाल से, शांति के सफेद से, आशा के हरे से, और संघर्ष के केसरिया से।
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