शोखियों में घोला जाए फूलों का शबाब / गोपालदास “नीरज”
हिंदी कविताशोखियों में घोला जाए फूलों का शबाब / गोपालदास “नीरज” शोखियों में घोला जाये, फूलों का शबाबउसमें फिर मिलायी जाये, थोड़ी सी शराबहोगा यूँ नशा जो तैयारहाँ…होगा यूँ नशा जो तैयार, वो प्यार है शोखियों में घोला जाये, फूलों का शबाबउसमें फिर मिलायी जाये, थोड़ी सी शराब,होगा यूँ नशा जो तैयार, वो प्यार हैशोखियों में […]
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