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अपना प्यारा बीटीआई
केंवरा यदु मीरा: मन से तृष्णा त्याग
एक बात है जो भूलती नहीं
हर शाम सुबह होने का देती है पैगाम।
एक पेड़ की दो शाखाएं
ऑनलाइन पढ़ाई
और शाम हो जाती है
युवाओं के प्रेरणास्रोत- स्वामी विवेकानंद
फ़र्रूख़ाबाद हमारा है
अगर करो तुम वादा मुझसे
जिंदगी का आखिरी सफर….
जीवन का ये सत्य है , मिलन बिदाई संग
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