गोली एल्बेंडाजॉल – (मधु गुप्ता “महक”)
हिंदी कवितागोली एल्बेंडाजॉल आओ बच्चों तुम्हें सुनाए, एक कहानी काम की।ध्यान पूर्वक सुनना इसको, बात छिपी है राज की। स्वाति नाम की लड़की थी इक, पंचम मे वह पढ़ती थी।नंगे पाँव खेलती हरदम, शौच खुले में करती थी।
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