बसंत ऋतु का नवगीत
हिंदी कविताबसंत ऋतु का नवगीत 🌿 🎵 नवगीत फागुन की पहली हँसी लिए,आया बसंत सुहाना है,सूनी डालों के अधरों परफिर से गीत सजाना है। पीली सरसों के आँचल मेंधूप सुनहरी सोई है,कोयल की कूक में जैसेमन की प्यास संजोई है। मंद बयार का कोमल स्पर्शतन-मन को छू जाता है,सूखी स्मृतियों की शाखों परहरापन उग आता है। […]

