KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR
Browsing Tag

@आश्विन शरद पूर्णिमा पर हिंदी कविता

आश्विन पूर्णिमा शरद पूर्णिमा ;शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहते हैं; हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को कहते हैं। ज्‍योतिष के अनुसार, पूरे साल में केवल इसी दिन चन्द्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। हिन्दू धर्म में इस दिन कोजागर व्रत माना गया है। इसी को कौमुदी व्रत भी कहते हैं।

शरदपूर्णिमा पर कविता-  डा. नीलम

शरदपूर्णिमा पर कविता ओढ़ के चादर कोहरे कीसूरज घर से निकला थाकर फैला कर थोड़ी धूपदेने की, दिन भर कोशिश करता रहा सांझ ने जब दामन फैलायानिराश होकर सूरज फिर लौट गयाकोशिश फिर चाँद-सितारों ने भी की थीपर कोहरे की चादर वैसी ही बिछी रही कोहरे की चादर ,पर ..बहुत गाड़ी थीहवाओं ने भी तीखी शमशीर चलाई थीचादर को लेकिन खरोंच तक ना आई थी तुषारापात ने…
Read More...