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@चैत्र शुक्ल चैत्र नवरात्रि पर हिंदी कविता

चैत्र शुक्ल चैत्र नवरात्रि : नवरात्रि हिंदुओं का एक प्रमुख पर्व है। नवरात्रि शब्द एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति / देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। दसवाँ दिन दशहरा के नाम से प्रसिद्ध है। नवरात्रि वर्ष में चार बार आता है। पौष, चैत्र, आषाढ,अश्विन मास में प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है। नवरात्रि के नौ रातों में तीन देवियों – महालक्ष्मी, महासरस्वती या सरस्वती और महाकाली के नौ स्वरुपों की पूजा होती है जिनके नाम और स्थान क्रमशः इस प्रकार है नन्दा देवी योगमाया (विंध्यवासिनी शक्तिपीठ), रक्तदंतिका (सथूर), शाकम्भरी (सहारनपुर शक्तिपीठ), दुर्गा(काशी), भीमा (पिंजौर) और भ्रामरी (भ्रमराम्बा शक्तिपीठ) नवदुर्गा कहते हैं

मैया की लाली है सिंगार मेरी लाली लाली मैंया की लाली है सिंगार ।लाली बिंदिया लाली सिंदूर होंठ कमल दल लाल।। मेरी लाली लाली -मेरी लाली लाली मैंया की--लाल साड़ी लहरे माँ के पवन झकोरा आये।लाली चोली चम चम…
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