यहाँ पर हिन्दी कवि/ कवयित्री आदर०दूजराम साहू के हिंदी कविताओं का संकलन किया गया है . आप कविता बहार शब्दों का श्रृंगार हिंदी कविताओं का संग्रह में लेखक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा किये हैं .

जिंदगी पर हरिगितिका छंद

Submit : 16 Sep 2022, 10:56 AMEmail : [email protected] रचनाकार का नामदूजराम साहू अनन्यसम्पर्क नम्बर8085334535रचना के शीर्षकजीनगीरचना के विधाहरिगितिका छंदरचना के विषयजिनगीरचनाहरिगितिका छंद ये जिंदगी फोकट गवाँ झन , बिरथा…

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छत्तीसगढ़ी कविता
छत्तीसगढ़ी कविता

दूजराम साहू के छत्तीसगढ़ी कविता

दूजराम साहू के छत्तीसगढ़ी कविता छत्तीसगढ़ी कविता मोर गांव मे नवा बिहान झिटका कुरिया अब नंदावत हे,सब पक्की मकान बनावत हे ,खोर गली  सी सी अभियान आगे ,अब मोर गांव…

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

नश्वर काया – दूजराम साहू अनन्य

Kavita Bahar || कविता बहार नश्वर काया - दूजराम साहू "अनन्य " कर स्नान सज संवरकर ,पीहर को निकलते देखा । नूतन वसन किये धारण ,सुमन सना महकते देखा ।कुमकुम…

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1 नवम्बर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 1 November Chhattisgarh State Foundation Day
1 नवम्बर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 1 November Chhattisgarh State Foundation Day

मोर छत्तीसगढ़ महतारी

मोर छत्तीसगढ़ महतारी मोर छत्तीसगढ़ महतारी,तोर अलग हे चिनहारी!देवता धामी ऋषि मुनि मन,तप करीन इहाँ भारी!! आनी बानी के रतन भरे हे ,इहाँ के पावन माटी म !मया पिरती बढ़त रहिथे ,गिल्ली…

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ganesh chaturthi
गणेश चतुर्थी विशेषांक

गणेश वंदना -दूजराम साहू

गणेश वंदना ( छत्तीसगढ़ी) जय ,जय ,जय ,जय हो गनेश !माता पारबती पिता महेश !! गणेशजी सबले पहिली सुमिरन हे तोर ,बिगड़े काज बना दे मोर !अंधियारी जिनगी में,हावे बिकट…

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कविता बहार
कविता बहार

सखी रे तीज पर्व आया है( दूजराम साहू)

सखी रे तीज पर्व आया है सखी रे तीज पर्व आया है,भाई उपहार लाया है !गुँज रहीं सारी गलियाँ,बचपन याद आया है !! बरसों बाद मिलीं सखियाँ ,पुरानी बातें याद…

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नन्ही कदमों पर कविता

नन्ही कदमों पर कविता नन्ही कदमों से कोसों चलेमाँ की आंचल पकड़े -पकड़े !और कितनी दूर जाना है माँकुछ चलकर हो जाते खड़े !! माँ बोली थोड़ी दूर और ..बेटा…

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

प्राण जाए तो जाए पर व्यंग्य कविता

प्राण जाए तो जाए पर व्यंग्य कविता प्राण जाए तो जाए , फेर दारू तो मिल जाए !कइसे जल्दी जुगाड़ होही, कोई ये तो बताए !! अब्बड़ दिन म खुले…

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कोरोना में दीप जलाये फिर से यार

कोरोना में दीप जलाये फिर से यार चलो दीप जलाए फिर से यारकी जगमग दीप जलेकोरोना दूर भगाओ घर से यारकी जगमग द्वार करें...... 5 अप्रैल दिन रविवाररात 9 बजे…

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