KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

कदम मिला हर कोई चले- विजिया गुप्ता समिधा (kadam mila har koi chale)

कदम मिला हर कोई चले
स्वच्छ हृदय के गलियारे में
सुंदर स्वच्छ विचार पले
स्वच्छ भारत का सपना लेकर
कदम मिला हर कोई चले
अपने घर से शुरू करें और 
गली मुहल्ले तक फैलाएं
साफ स्वच्छ परिवेश रखें
बीमारी को दूर भगाएं
बरसों पहले गाँधी जी ने
यह अभियान चलाया था
पाखाना खुद साफ करें
सबको यह समझाया था
कथित सभ्य कहलाने वाले
लोगों ने जिन्हें *अछूत* कहा
*उनके* साथ खड़े होकर
जनता को यह सन्देश दिया
साफ सफाई करता है जो 
देवतुल्य वह होता है 
हमारे द्वारा फैली गन्दगी को
अपने हाथों से धोता है
पर्यावरण प्रदूषण दिखता
तन मन को पहचाने कौन
तन मन आज प्रदूषित है 
इसकी दशा सुधारे कौन
आओ मिल संकल्प करें
सब स्वच्छता अपनाएंगे
घर से गली मोहल्ले तक
यह अभियान चलाएंगे
गली मोहल्ले से विस्तारित
राज्य देश तक फैलाएं
नदियों का जल भी निर्मल हो
ऐसा इक अभियान चलायें
हर खुशी हर ग़म के मौके पर
निश्चित ही इक पौधा रोपें
आनेवाली पीढ़ी को
ऐसी एक धरोहर सौपें
हर व्यक्ति अधिकार समझ 
यदि इस अभियान से जुड़ जाए
शुद्ध जल और स्वच्छ वायु का
यह सपना सच हो जाए
———
विजिया गुप्ता “समिधा”
दुर्ग छत्तीसगढ़