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कहीं माँ के आँचल तले – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “

इस रचना में जीवन के विभिन्न आयामों को चित्रित किया गया है | इस रचना का विषय ” कहीं माँ के आँचल तले” – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “

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कहीं माँ के आँचल तले – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “

कहीं माँ के आँचल तले

स्वयं को सुरक्षित पाता जीवन।

कहीं पिता के पुरुषार्थ तले

स्वयं को आत्म निर्भर करता जीवन।



कहीं प्रेयसी के अनुराग में

दुनिया को भूलता जीवन।

कहीं ईश्वर के चरणों में

स्वयं को खोजता जीवन।



कहीं उल्लास में झूमता जीवन

कहीं शोक में उद्दिग्न जीवन।

अपना जीवन पराया जीवन

अस्तित्व को टटोलता जीवन।

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