माँग भक्ति के भीख(Maang bhakti ke bhikh)


तोरन पुष्प सजाय के
उत्सव माँ के द्वार!!! 
गीत सुरीले गूँजते,
लटके बन्दनवार!!!!

नाम अनेको दे दिए,
माई जग में एक!!! 
नामित ब्रम्हाचारिणी,
कर लेंना अभिषेक!!

परम सुखी परिवार हो
माँग भक्ति के भीख!!! 
चरण धूलि माथे लगा
*वत्स* भजन ले सीख!!!


–राजेश पान्डेय वत्स
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