KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

माउंट एवरेस्ट विजय(mount everest vijay)

#poetryinhindi,#hindikavita, #hindipoem, #kavitabahar #manibhainavratna #mount everest victory
माना तू विश्व की ऊँची चोटी है
नहीं आसान तुझे जीत पाना ।
जब भी,
तुझे,
किसी ने,
चढ़कर हराना चाहा,
अपने दंभ से।
तब तूने गुरूर तोड़े उनके ,
बर्फीली आँधी,
और, खाईयों से।
ना जाने कितने ही लाश,
दफना दिया अपने गोद में ।
पर ये जिद्दी मानव,
कब मानता है अपनी हार,
विजय-पताका लहराने को
जूझता है तुझसे बार-बार ।।
थे ऐसे ही, दो जांबाज ,
दिखाये जिसने जमाने को,
साहस,धैर्य और विश्वास गाथा।
और जोड़ दिये अपने नाम
हिमशिखरों से वर्षों का नाता।
आसान नहीं था
तेनजिंग और एडमंड का सफर।
एक दूजे का हाथ थामे
हर बाधायें पार की,
मगर,
बता दिया जग को,
कुछ भी नहीं नामुमकिन ।
मौत को मात देगा तू
जब हो मन में यकीन ।
जीवन में उनके ज़ज्बा को
याद करो पल छिन ।
29 मई है खास ,
माउंट एवरेस्ट विजय दिन।।
(रचयिता :- मनी भाई भौंरादादर बसना )

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.