KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

रंगों की बहार होली कविता

इस कविता में होली के विभिन्न अनछुए पहलुओं को विशेष तौर पर तवज्जो दी गयी है | होली को किस तरह एक पावन त्यौहार के रूप में हम मनाते हैं इसे भी इस रचना में स्थान दिया गया है |
रंगों की बहार होली, खुशियों की बहार होली – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

रंगों की बहार होली कविता

रंगों की बहार होली, खुशियों की बहार होली
अल्हड़ों का खुमार होली, बचपन का श्रृंगार होली

होली के रंगों में भीगें , आपस का प्यार होली
रिश्तों की जान होली, दिलों का अरमान होली

प्रेयसी का श्रृंगार होली, प्रियतम का प्यार होली
अंग – अंग खुशबू से महकें , प्रेम का इजहार होली

सैयां की बैंयां का हार होली, अरमानों का आगाज़ होली
आशिकों का प्यार होली, मुहब्बत का इजहार होली

गुलाल से रोशन हो आशियाँ, दिलों में पलता प्यार होली
कभी पिया का इन्तजार होली, कहीं खिलती बहार होली

कहीं इश्क़ का इजहार होली, कहीं नफरत पर वार होली
खुदा की इबादत होली, खुदा पर एतबार होली

पालते जो दिलों में मुहब्बत , उन पर निसार होली
उम्मीदों का ताज होली, रिश्तों का रिवाज होली

कुदरत का करिश्मा होली, प्रकृति का प्यार होली
प्यार की जागीर होली, ख्वाहिशों का संसार होली

रंगों की बहार होली, खुशियों की बहार होली
अल्हड़ों का खुमार होली, बचपन का श्रृंगार होली

होली के रंगों में भीगें , आपस का प्यार होली
रिश्तों की जान होली, दिलों का अरमान होली

मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

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10 Comments
  1. आयुष says

    अनिल जी बहुत ही सुंदर रचना है यह

  2. प्राची says

    नारी विषय पर आपकी यह रचना काफी प्रभावी है.

  3. सारिका says

    उत्तम रचना. गुप्ता जी आपकी सोच बहुत उत्तम है.

  4. प्रमोद कुमार says

    उत्तम रचना अनिल जी आप धन्यवाद के पात्र हैं |

  5. डॉ .राजेश कुमार says

    बहुत ही सुंदर रचना अनिल जी

  6. Dhirendra Singh says

    Great one sirji

  7. Dhirendra Singh says

    Very nice,and impressive. Keep continue

  8. Kamlesh chand says

    Nice sir

  9. Sarika Gupta says

    Very nice

  10. हरिओम शर्मा says

    अति सुन्दर