KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

विवाह: प्रश्नचिन्ह

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विवाह पर विभिन्न तरह के
विवाद खड़े होते हैं,
कहते हैं कई आबाद हुये
तो कोई बरबाद !
दहेज मिला, हुआ आबाद
दिये दहेज,हुये बरबाद !
लेकिन यथार्थ में
एेसा नही होता —
जो आबाद का जामा पहने हैं
उनकी आवश्यकताएँ अनंत होती है,
और मांग उपर मांग रखते हैं !
नही मिलने पर /प्रताड़ना स्वरूप
बहु जला दी जाती है या जल जाती है ,
फिर कथित आबाद होने वालों की
बरबादी की बारी आती है !
दहेज देने वाले तो
पहले ही बरबाद हैं ।
कहीं कहीं ही इस आधुनिक विवाह में
अपने पवित्र बंधन को निभा पाते हैं !
नही तो इस बंधन से
मुक्त होना चाहते हैं ।
आज समाज पर यह
प्रश्न चिन्ह खड़ा है !

    — राजकुमार मसखरे ??
                 मु.-भदेरा

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