KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

संवेदनहीन क्यों?(swedanhin kyo?)

क्यों?
पशु आपस में
लङते हैं खूब
पंछी भी आपस में
भिङते हैं खूब
कीट-पतंग भी
करते हैं संघर्ष
इनके गुण
इनके स्वभाव
इनकी आदत
इनका खानपान
इनकी प्रवृत्ति
अलग-अलग हैं
पर इनमें
छूत-अछूत
अगङे-पिछङे
हिन्दू-मुस्लिम
अमीर-गरीब
छोटे-बङे
श्वेत-अश्वेत
का भेद नहीं
मात्र इन्सान ही
है संवेदनहीन
क्यों?????
-विनोद सिल्ला