KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

हे ऊपर वाले !तू सबका मालिक(HEY UPARWALE! TU SABKA MALIK)

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हे ऊपर वाले !तू सबका मालिक।
तेरी नज़रों से सब नीचे हैं ,तू दिखे सबकी करतूतें ।
तुझसे ना कोई छुपा है तुमको ना धोखा है।
आता सही समय पर तू ,तेरा अवतार अनोखा है।
आजा अब तो तू या भेज दे अपना फरिश्ते ।
यहां किसी को किसी से डर नहीं ,एक दूजे से आस नहीं ।
घूमा करते हैं सब मन से नंगे एक दूजे से लाज नहीं।
भूखों को यहां रोटी से आजमाते ।।
तू जो चाहे सबको मिटा दे ये जहां और जिंदगी।
सन्मार्ग पर  सबको लाना तेरा काम और खुशी भी।
पर हम ना समझे, हम न जाने बात बात पर रौब जमाते।
तू देखे सब की करतूतें।

-मनीभाई ‘नवरत्न’