इश्क़ के रोग की गर तू जो दवा बन जाए
Uncategorizedइश्क़ के रोग की गर तू जो दवा बन जाए । रात दिन भीगते है बिन तेरे मेरे नैनाबिन तेरे मिलता नही मुझको अब कही चैनाहर घड़ी याद की भरी स्याहीमुझको तड़पाने रात ले आईंतू जो बारिश की तरह आके मुझे मिल जाए,बादलों की तरह ये दर्द हवा हो जाये ।। इश्क़ के रोग की […]
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