KAVITA BAHAR
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6th जून 2020

माधुरी मंजरी में सपना पर आधारित कविता – माधुरी डड़सेना…

माधुरी मंजरी 05/06/2020 आँखों में सपने लिए , बढ़ती मैं हर रोज ।मंजिल मुझे पुकारती , करते मेरी खोज ।।साजन के सपने लिए ,मैं आई ससुराल ।रंग सभी भरने

माधुरी मंजरी में सपना पर आधारित कविता – माधुरी डड़सेना…

माधुरी मंजरी 05/06/2020 आँखों में सपने लिए , बढ़ती मैं हर रोज ।मंजिल मुझे पुकारती , करते मेरी खोज ।।साजन के सपने लिए ,मैं आई ससुराल ।रंग सभी भरने

पर्यावरण दिवस पर बलबीर सिंह वर्मा ‘वागीश’ की…

चौपाई छंदबच्चे - बूढ़े सुन लो भाई,पेड़ों की मत करो कटाई।वृक्षों से मिलती है छाया,गर्मी में हो शीतल काया।सबने इनकी महिमा गाई,मिलते हैं

स्वार्थी मत बन बावरे , काम करो निःस्वार्थ- रामनाथ साहू ननकी के…

स्वार्थी मत बन बावरे , काम करो निःस्वार्थ स्वार्थी मत बन बावरे , काम करो निःस्वार्थ ।शुद्ध भाव से कीजिए , जीवन में परमार्थ ।।जीवन में परमार्थ ,

केवरा यदु “मीरा ” के अपने श्याम के प्रति दोहे

केवरा यदु "मीरा " के दोहे पागल मनवा ढूँढता, कहाँ मेरा चितचोर ।मन-मंदिर से झाँकता,मैं बैठा इस ओर।।पागल फिरता है कहाँ, जीवन है दिन चार ।वाणी में