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तुम लेखक नहीं नर पिचास हो
भारत गर्वित आज पर्व गणतंत्र हमारा
गणतंत्र गाथा / बाबू लाल शर्मा ” बौहरा ”
हिन्द देश के वीर/बलबीर सिंह वर्मा “वागीश”
आओ मिलकर गणतंत्र सफल बनाएँ /डॉ.अमित कुमार दवे
आजा अब परदेशिया
चित्र मित्र इत्र चरित्र
विवाह-एक पवित्र बंधन
घर का संस्कार है बेटी
मैं पीड़ा का राजकुँवर हूँ / गोपालदास “नीरज”
हार न अपनी मानूँगा मैं ! / गोपालदास “नीरज”
खिलते हैं गुल यहाँ / गोपालदास “नीरज”
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