June 2022

अनिल कुमार गुप्ता अंजुम की कवितायेँ

समाज और यथार्थ

यहाँ पर अनिल कुमार गुप्ता अंजुम की कवितायेँ दिए जा रहे हैं :- मैंने उसे – कविता मैंने उसेकिसी का सहारा बनते देखामुझे अच्छा लगा शायद आपको भी ………. मैंने उसे किसी की भूखमिटाते देखामुझे अच्छा लगा शायद आपको भी ………. मैंने उसे किसी की राह केकांटे उठाते देखामुझे अच्छा लगा शायद आपको भी ………. […]

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रोटी पर 5 बेहतरीन कविताएं -चौपाई छंद

हिंदी कविता

13 जून 2022 को साहित रा सिंणगार साहित्य ग्रुप के संरक्षक बाबूलाल शर्मा ‘विज्ञ’ और संचालक व समीक्षक गोपाल सौम्य सरल द्वारा ” रोटी” विषय पर चौपाई छंद कविता आमंत्रित किया गया जिसमें से रोटी पर 5 बेहतरीन कविताएं चयनित किया गया। जो कि इस प्रकार हैं- कविता 1 भूख लगे तब रोटी खाना।तभी लगे

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हाकलि/मानव छंद [सम मात्रिक] कैसे लिखें

हिंदी कविता

हाकलि/मानव छंद [सम मात्रिक] विधान – इसके प्रत्येक चरण में 14 मात्रा होती हैं , तीन चौकल के बाद एक द्विकल होता है (4+4+4+2) l यदि तीन चौकल अनिवार्य न हों तो यही छंद ‘मानव’ कहलाता है l उदाहरण – बने ब/हुत हैं/ पूजा/लय,अब बन/वाओ/ शौचा/लय lघर की/ लाज ब/चाना/ है,शौचा/लय बन/वाना है l– ओम

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मापनीमुक्त मात्रिक छंद विशेषताएं

हिंदी कविता

मापनीमुक्त मात्रिक छंद विशेषताएं : (क) इन छंदों की लय को किसी मापनी में बाँधना संभव नहीं है l इन छंदों की लय को निर्धारित करने के लिए कलों ( द्विकल 2 मात्रा, त्रिकल 3 मात्रा, चौकल 4 मात्रा) का प्रयोग किया जाता है –द्विकल = 2 या 11त्रिकल = 21 या 12 या 111चौकल

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चौपई या जयकरी छंद कैसे लिखें

हिंदी कविता

चौपई या जयकरी छंद [सम मात्रिक] विधान – इसके प्रयेक चरण में 15 मात्रा होती हैं, अंत में 21 या गाल अनिवार्य होता है, कुल चार चरण होते हैं, क्रमागत दो-दो चरण तुकांत होते हैं l उदाहरण :भोंपू लगा-लगा धनवान,फोड़ रहे जनता के कान lध्वनि-ताण्डव का अत्याचार,कैसा है यह धर्म-प्रचार l– ओम नीरव

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शब्दों की महत्ता पर कविता

हिंदी कविता

शब्दों की महत्ता पर कविता चुभते हैं कुछ शब्द,चूमते हैं कुछ शब्द /शब्दकोश से निकलकर,भावनाओं की गली से-गुजरते हैं,और पाते हैं अर्थ,कहीं अनमोल,कहीं व्यर्थ ।संगति का प्रभावतो पड़ता ही है।कितने जीवंत रहे होंगे !शब्द जब भाव ने-दिया होगा जन्म ।पर प्रदूषित परिवेश की-परवरिश ने कर दिया –जर्जर,दुर्बल और तिरस्कृत।गलत हाथों में है मशालें,रोशनी के लिए

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चौपाई छंद [सम मात्रिक] कैसे लिखें

हिंदी कविता

चौपाई छंद [सम मात्रिक] विधान – इसके प्रत्येक चरण में 16 मात्रा होती हैं , अंत में 21 या गाल वर्जित होता है , कुल चार चरण होते हैं , क्रमागत दो-दो चरण तुकांत होते हैं l उदाहरण :बिनु पग चलै सुनै बिनु काना,कर बिनु करै करम विधि नाना lआनन रहित सकल रस भोगी,बिनु बानी

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श्रृंगार छंद [सम मात्रिक]कैसे लिखें

हिंदी कविता

श्रृंगार छंद (उपजाति सहित) [सम मात्रिक] विधान – इसके प्रत्येक चरण में 16 मात्रा होती हैं, आदि में क्रमागत त्रिकल-द्विकल (3+2) और अंत में क्रमागत द्विकल-त्रिकल (2+3) आते हैं, कुल चार चरण होते हैं , क्रमागत दो-दो चरण तुकांत होते हैं l उदाहरण :भागना लिख मनुजा के भाग्य,भागना क्या होता वैराग्य lदास तुलसी हों चाहे

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पदपादाकुलक/राधेश्यामी/मत्तसवैया छंद [सम मात्रिक]

हिंदी कविता

पदपादाकुलक/राधेश्यामी/मत्तसवैया छंद [सम मात्रिक] विधान – पदपादाकुलक छंद के एक चरण में 16 मात्रा होती हैं , आदि में द्विकल (2 या 11) अनिवार्य होता है किन्तु त्रिकल (21 या 12 या 111) वर्जित होता है, पहले द्विकल के बाद यदि त्रिकल आता है तो उसके बाद एक और त्रिकल आता है , कुल चार

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