विज्ञान हर जगह की बुनियाद/ मनीभाई नवरत्न

विज्ञान की महिमा को सलाम करती यह कविता छात्रों में जिज्ञासा और सीखने की प्रेरणा जगाने के लिए लिखी गई है।
यह रही विज्ञान पर एक कविता:


विज्ञान है वो रोशनी,
जो हर अंधेरे को मिटाती है,
ज्ञान की किरण बनकर,
सच की राह दिखाती है।

प्रकृति के रहस्यों को,
खोलती है विज्ञान की किताब,
हर सवाल का उत्तर,
ढूंढती है इसका जवाब।

आकाश में उड़ते पंछी,
धरती की गोद में बसा जीवन,
विज्ञान हर जगह की बुनियाद,
वास है उसका , हर कण कण।

बिजली की चमक से,
पानी की हर एक धार ।
विज्ञान है हर सांस में,
हमारे जीवन का आधार।

नवीन खोज और आविष्कार,
बनाते हमें सक्षम और बलवान,
विज्ञान की शक्ति से हम,
करते हैं भविष्य का निर्माण।

तो आओ, विज्ञान को अपनाएं,
विज्ञान के संग बच्चों को आगे बढ़ाएं,
हर दिन नया कुछ सीखें,
विज्ञान के रंगों से जीवन को सजाएं।

मनीभाई नवरत्न

मनीभाई नवरत्न
मनीभाई नवरत्न

📝 कवि परिचय

यह काव्य रचना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना ब्लाक क्षेत्र के मनीभाई नवरत्न द्वारा रचित है। अभी आप कई ब्लॉग पर लेखन कर रहे हैं। आप कविता बहार के संस्थापक और संचालक भी है । अभी आप कविता बहार पब्लिकेशन में संपादन और पृष्ठीय साजसज्जा का दायित्व भी निभा रहे हैं । हाइकु मञ्जूषा, हाइकु की सुगंध ,छत्तीसगढ़ सम्पूर्ण दर्शन , चारू चिन्मय चोका आदि पुस्तकों में रचना प्रकाशित हो चुकी हैं।

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