बाबा साहिब सा सूरमा–राकेश राज़ भाटिया

dr bhimrao ambedkar

बाबा साहिब सा सूरमा -राकेश राज़ भाटिया बदलती रहेगी यह दुनिया, बदलेगा यह दौर ए जहाँ .न हुआ है, न होगा कभी भी, बाबा साहिब सा सूरमा .. वो जिसने कक्षा के बाहर बैठकर ज्ञान का दीया जला लिया .वो जिसने अपनी मेहनत से, विद्या का सागर पा लिया .वो जिसने संविधान बनाकर बदल दिया … Read more

भगत सिंह पर कविता

भगत सिंह पर कविता 28 सितंबर सन् 1907 को भारत की धरती पर, एक लाल ने जन्म लिया । माता विद्यापति की आंखों का तारा , पिता का अरमान था । दादी ने उसका ‘भागो’ रखा नाम था, फौलादी थी बाहें उसकी । जिसके सिर पर केसरिया बाना था , दूर फिरंगी को करने का … Read more

प्राकृतिक आपदा पर कविता

प्राकृतिक आपदा अति मानव वाचालता के कारण आती है और क्या क्या मानव पर प्रभाव डालती है? इस रचना में जानिए।

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी पर कविता

mahatma gandhi

“बापू” ( राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी पर कविता ) सत्य अहिंसा के तुम ही पहरेदार हो बापू,आजादी दिलाने वाले बड़े सरदार हो बापू। हर बच्चा तुम्हें दिन रात याद करता है,हर इंसा तुम्हारा ही गुणगान करता है।सच्ची श्रद्धा से ही मिलती है सफलता,हर इस कामयाबी का बखान करता है।आजादी दिलाने के सही हकदार हो बापू। देश … Read more

छीन लिए सब गड़े दफीने

छीन लिए सब गड़े दफीने धरा गाल हँसते हम देखे,जल कूपों मय चूनर धानी।घाव धरा तन फटी बिवाईमानस अधम सोच क्यूँ ठानी।। शस्य श्यामला कहते जिसकोपैंड पैंड पर पेड़ तलाईशेर दहाड़ें, चीतल हाथीजंगल थी मंगल तरुणाई ग्रहण लगा या नजर किसी की,नूर गये माँ लगे रुहानीधरा गाल हँसते ……….।। वसुधा को माता कह कह करछीन … Read more