मौसम कुछ उदास है- रीता प्रधान

मौसम कुछ उदास है- रीता प्रधान दिलों में जाने क्यों,बाकी न कोई एहसास है।एक भाई को ही दूजे भाई की,जाने क्यों खून की प्यास है।प्रकृति तो उदास बैठी ही थी,अब दिलों का भी मौसम कुछ उदास है। जवानी आते जाने कहां ,चला जाता है बचपन का प्यार।घरवाले ही घरवालों पर,जाने क्यों करते हैं अत्याचार।देख दशा … Read more

संगीत जीवन का अंग है

संगीत जीवन का अंग है संगीत जीवन का अंग है,जो रहता जीवन संग है। संगीत उदासी की सहेली है,जीवन की दुल्हन नई नवेली है। यह साधना का स्वर है,गुनगुनाता जग भँवर है। संगीत जीवन जीने की युक्ति है,शारीरिक मानसिक ब्याधियों से मुक्ति है। गायन वादन नृत्य ये संगीत हैं,संतुलित जीवन के ये मीत हैं। जिसके … Read more

फिर से लौट आएगी खूबसूरत दुनियां

फिर से लौट आएगी खूबसूरत दुनियां पिछले कुछ दिनों सेमैंने नहीं देखा है रोशनी वाला सूरजताज़गी वाली हवाखुला आसमानखिले हुए फूलहँसते-खिलखिलाते लोग एक-एक दिनदेह में होने का ख़ैर मनाती आ रही हैदेह के किसी कोने मेंडरी-सहमी एक आत्मा किसी भी तरह जीवन बचाने की जद्दोजेहद मेंउत्थान और विकास जैसेजीवन के सारे जद्दोजहदभूलने लगे हैं लोग … Read more

8 जून विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस पर कविता

8 जून विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस पर कविता लगातार सिरदर्द रहे या, कभी अचानक चक्कर आएबढ़े चिड़चिड़ापन तो सम्भव, प्रकट ब्रेन ट्यूमर हो जाए। यह दिमाग के किसी भाग में, धीमे या तेजी से छाताहो सी.टी. स्कैन नहीं तो एम. आर. आई. भेद बताताकिसी विषय पर बात करें तो,हो विचार में आनाकानीसुनने में भी दिक्कत … Read more

गर निराशा आशा पर भारी पड़ने लगे – अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

इस रचना में दो मुक्तक शामिल किये गए हैं जो सत्य और असत्य के बीच के अंतर को समझाते हैं | मुक्तक – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “