कविता क्या है?

कविता क्या है? कम शब्दों में अधिक वर्णन कविता है ठेस लगी तो दुख का वर्णन कविता है भावनाओं का आकर्षक वर्णन कविता है शब्दों का तरंगित होना कविता है शब्दों का रोद्र हो जाना कविता है अनायास ही गुनगुनाना कविता है शब्दों का अनुशासित होना कविता है शब्दों का बहुआयामी होना कविता है शब्दों … Read more

करना हो तो काम बहुत हैं

करना हो तो काम बहुत हैं नेकी के तो धाम बहुत हैंकरना हो तो काम बहुत हैं।सोच समझ रखे जो बेहतरउनके अपने नाम बहुत हैं।प्रेम रंग गहरा होता हैरंगों के आयाम बहुत हैं।गुण सम्पन्न बहुत होते हैंवैसे तो बदनाम बहुत हैं।इश्क़ खुदा से सीधी बातेंमन हल्का आराम बहुत है।लक्ष्य एक पर पंथ अलग हैंसभी में … Read more

हमारी भाग्य विधाता मां

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। हमारी भाग्य विधाता मां ना शब्द है ना कोई बात,जो मां के लिए लिख पाऊं,उसके चरणों में मैं,नित-नित शीश … Read more

समय -देवता

समय -देवता देव,दनुज,नाग,नर,यक्ष,सभीनित मेरी महिमा गाते हैं।सत्ता सबसे ऊपर मेरी,सब सादर सीस झुकाते हैं।।1 देव मैं महान शक्तिशाली,हूँ अजर,अमर,अविनाशी मैं।सर्वत्र मेरा ही शासन है,नित प्रवहमान एकदिशीय मैं।।2 मेरी प्रवाह के साथ-साथ,जो अपनी कदम बढ़ाते हैं।पुरुषार्थी,परिश्रमी जन ही,जीवन-फल लाभ उठाते हैं।।3 पूजते जन श्रद्धा-भक्ति से ,हरदम फल पाते मन सन्तोष।अति शीघ्र रीझ मैं जाता हूँ,जैसे देवों … Read more

तू ही मेरा प्रारब्ध है माँ”

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। तू ही मेरा प्रारब्ध है माँ” वंदन अर्चन हे जन्मदायिनीसबसे  प्यारा  शब्द है   माँपहचान मेरी तेरे आँचल सेतू  ही  … Read more