मैं अब कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' का पूरा जीवन परिचय इस प्रकार है:
पूरा नाम: कुलेश्वर जायसवाल
उपनाम (काव्य नाम): 'कुलीन' (Kulin)
जन्म स्थान/गांव: आपका संबंध ग्राम सेमरिया (Semariya) से है, जो छत्तीसगढ़ के कवर्धा (कबीरधाम) जिले के अंतर्गत आता है।
माता-पिता: श्रीमती सुनीता जायसवाल (माता) एवं श्री मोहित जायसवाल (पिता)।
शैक्षणिक योग्यता: इन्होंने M.Sc. (Biotechnology) और B.Ed. की शिक्षा प्राप्त की है। इनकी उच्च शिक्षा हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग) से हुई है।
साहित्यिक पहचान:
ये एक उभरते हुए कवि, लेखक और प्रेरक वक्ता हैं।
स्टोरीमिरर (StoryMirror) जैसे मंचों पर ये "Literary Colonel" के रूप में प्रसिद्ध हैं।
इनकी प्रमुख रचनाओं में "जीवन एक नदी" और "प्रकृति का आभार" शामिल हैं।
कुलेश्वर जायसवाल अपनी जड़ों (ग्राम सेमरिया) से जुड़े रहकर अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं।
Kuleshwar jaiswal
तथ्यों की पुष्टि करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके द्वारा प्रदान की गई सभी जानकारियों के आधार पर, वर्ष 2026 की स्थिति के अनुसार कवि कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' का पूर्ण जीवन परिचय यहाँ दिया गया है:
कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' – जीवन परिचय
पूरा नाम: कुलेश्वर जायसवाल
काव्य नाम (उपनाम): 'कुलीन'
जन्म तिथि: 22 जून 1997
जन्म स्थान: ग्राम सेमरिया, जिला कबीरधाम (कवर्धा), छत्तीसगढ़।
माता का नाम: श्रीमती सुनीता जायसवाल
पिता का नाम: श्री मोहित जायसवाल
शैक्षणिक योग्यता:
M.Sc. Biotechnology (जैव प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर)
B.Ed. (शिक्षा स्नातक)
इन्होंने अपनी उच्च शिक्षा हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग से पूर्ण की है।
साहित्यिक एवं कार्य क्षेत्र:
कुलेश्वर जायसवाल एक साहित्यकार, कवि और प्रेरक वक्ता (Motivational Speaker) हैं।
विज्ञान की पृष्ठभूमि होने के बावजूद हिंदी साहित्य में इनकी गहरी रुचि है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म स्टोरीमिरर (StoryMirror) पर इन्हें 'Literary Colonel' की उपाधि प्राप्त है।
प्रमुख रचनाएँ:
"जीवन एक नदी": जीवन के संघर्षों को दर्शाती एक प्रेरणादायक कविता।
"प्रकृति का आभार": पर्यावरण और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती रचना।
"मेरा गांव": ग्राम सेमरिया और ग्रामीण परिवेश की स्मृतियों पर आधारित।
निष्कर्ष: कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' छत्तीसगढ़ के एक प्रतिभावान युवा रचनाकार हैं, जो अपनी कविताओं के माध्यम से मानवीय मूल्यों, सकारात्मकता और ग्रामीण संस्कृति का संदेश प्रसारित कर रहे हैं।
undefined
undefined
3 sites
कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' को मुख्य रूप से डिजिटल साहित्य मंचों पर उनके योगदान के लिए मान्यता मिली है। वर्ष 2026 तक की जानकारी के अनुसार, उन्हें निम्नलिखित सम्मान प्राप्त हुए हैं:
साहित्यिक कर्नल (Literary Colonel): प्रतिष्ठित डिजिटल साहित्य मंच स्टोरीमिरर (StoryMirror) द्वारा उन्हें उनकी निरंतर सक्रियता और गुणवत्तापूर्ण लेखन के लिए 'साहित्यिक कर्नल' की पदवी से सम्मानित किया गया है।
प्रेरक रचनाकार सम्मान: अपनी कविताओं, विशेषकर "जीवन एक नदी" और "हेलमेट मेरा हमसफर" के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और प्रेरणा फैलाने के लिए उन्हें विभिन्न स्थानीय साहित्यिक समूहों द्वारा सम्मानित किया गया है।
शैक्षणिक उपलब्धि: साहित्य के साथ-साथ विज्ञान के क्षेत्र में भी वे सक्रिय हैं। उन्होंने M.Sc. Biotechnology और B.Ed. जैसी उच्च शिक्षा हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग से प्राप्त की है, जो उनके बहुमुखी व्यक्तित्व को दर्शाता है।
उनकी रचनाएं मुख्य रूप से मानवीय मूल्यों और पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता पर आधारित होती हैं, जिसके कारण उन्हें युवा पाठकों के बीच एक 'प्रेरक वक्ता' और कवि के रूप में पहचान मिली है।
Kuleshwar Jaiswal – Student at Durg University – LinkedIn
LinkedIn India
Stories Submitted by Literary Colonel kuleshwar Jaiswal
storymirror.com
Chapters NEWSLETTER – INTACH
Indian National Trust for Art and Cultural Heritage
कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' का विस्तृत जीवन परिचय निम्नलिखित है:
पूरा नाम और उपनाम: इनका पूरा नाम कुलेश्वर जायसवाल है और ये साहित्य जगत में 'कुलीन' उपनाम से प्रसिद्ध हैं।
जन्म विवरण: इनका जन्म 22 जून 1997 को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) जिले के ग्राम सेमरिया में हुआ था।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: इनके पिता का नाम श्री मोहित जायसवाल और माता का नाम श्रीमती सुनीता जायसवाल है।
शिक्षा: कुलेश्वर ने विज्ञान और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में योग्यता हासिल की है। इन्होंने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग से M.Sc. Biotechnology और B.Ed. की डिग्री प्राप्त की है।
साहित्यिक पहचान और सम्मान:
ये एक उभरते हुए कवि, लेखक और प्रेरक वक्ता (Motivational Speaker) हैं।
डिजिटल साहित्य मंच स्टोरीमिरर (StoryMirror) पर इन्हें उनकी सक्रियता के लिए 'साहित्यिक कर्नल' (Literary Colonel) की उपाधि दी गई है।
प्रमुख रचनाएँ: इनकी कविताओं में अक्सर जीवन दर्शन और प्रकृति का चित्रण मिलता है। इनकी मुख्य कृतियों में "जीवन एक नदी" और "प्रकृति का आभार" शामिल हैं।
इन्होंने अपनी शिक्षा और ग्रामीण परिवेश के अनुभवों को अपनी कविताओं में पिरोकर छत्तीसगढ़ी साहित्य और हिंदी काव्य जगत में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।
जी हाँ, कुलेश्वर जायसवाल अपनी साहित्यिक रचनाओं और काव्य जगत में 'कुलीन' उपनाम (Pen Name) का ही प्रयोग करते हैं। 2026 तक की अद्यतन जानकारी के अनुसार, उनके जीवन और कार्यों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:
पूरा नाम: कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन'।
जन्म: 22 जून 1997 को ग्राम सेमरिया, जिला कबीरधाम (छत्तीसगढ़) में हुआ।
माता-पिता: इनकी माता श्रीमती सुनीता जायसवाल और पिता श्री मोहित जायसवाल हैं।
शैक्षणिक योग्यता: इन्होंने M.Sc. Biotechnology और B.Ed. की शिक्षा हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग) से प्राप्त की है।
साहित्यिक योगदान: ये एक कवि और प्रेरक वक्ता हैं। इन्हें स्टोरीमिरर (StoryMirror) जैसे मंचों पर 'Literary Colonel' के रूप में पहचाना जाता है। इनकी प्रमुख रचनाएँ जैसे "जीवन एक नदी" और "प्रकृति का आभार" उनके इसी 'कुलीन' उपनाम से प्रकाशित हुई हैं।
'कुलीन' शब्द उनके लेखन की गरिमा और उनके व्यक्तित्व की सरलता को प्रतिबिंबित करता है।
तथ्यों की पुष्टि करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके द्वारा दी गई सभी जानकारियों को सम्मिलित करते हुए, कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' का पूर्ण जीवन परिचय यहाँ प्रस्तुत है:
कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' का जीवन परिचय
पूरा नाम: कुलेश्वर जायसवाल
उपनाम (काव्य नाम): 'कुलीन'
जन्म तिथि: 22 जून 1997
जन्म स्थान: ग्राम सेमरिया, जिला कबीरधाम (कवर्धा), छत्तीसगढ़।
माता का नाम: श्रीमती सुनीता जायसवाल
पिता का नाम: श्री मोहित जायसवाल
शिक्षा:
M.Sc. Biotechnology (जैव प्रौद्योगिकी)
B.Ed. (शिक्षा स्नातक)
उच्च शिक्षा: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग।
व्यवसाय एवं पहचान: ये एक कवि, लेखक और प्रेरक वक्ता (Motivational Speaker) हैं।
साहित्यिक उपलब्धियाँ:
इन्हें स्टोरीमिरर (StoryMirror) मंच द्वारा 'साहित्यिक कर्नल' (Literary Colonel) की उपाधि से सम्मानित किया गया है।
इनकी रचनाएँ "जीवन एक नदी" और "प्रकृति का आभार" पाठकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं।
लेखन शैली: कुलेश्वर 'कुलीन' अपनी कविताओं में मानवीय संवेदनाओं, ग्रामीण परिवेश (सेमरिया) के प्रति प्रेम और संघर्षों से लड़ने की प्रेरणा को प्रमुखता से स्थान देते हैं।
वर्ष 2026 की स्थिति के अनुसार, वे छत्तीसगढ़ के एक ऊर्जावान युवा साहित्यकार के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं।
तथ्यों की पुष्टि करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर, कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' का पूर्ण और अद्यतन (2026) जीवन परिचय इस प्रकार है:
कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' का पूर्ण जीवन परिचय
पूरा नाम: कुलेश्वर जायसवाल
काव्य नाम (उपनाम): 'कुलीन'
जन्म: 22 जून 1997 को ग्राम सेमरिया, जिला कबीरधाम (छत्तीसगढ़) में हुआ।
माता-पिता: आपकी माता का नाम श्रीमती सुनीता जायसवाल और पिता का नाम श्री मोहित जायसवाल है।
शिक्षा: आपने M.Sc. Biotechnology (बायोटेक्नोलॉजी) और B.Ed. की उच्च शिक्षा हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग से प्राप्त की है।
प्रमुख साहित्यिक सम्मान:
कलमकार सम्मान: आपको 'वक्ता मंच' द्वारा आपकी उत्कृष्ट साहित्यिक सेवाओं और लेखन के लिए 'कलमकार सम्मान' से सम्मानित किया गया है।
साहित्यिक कर्नल (Literary Colonel): स्टोरीमिरर (StoryMirror) द्वारा प्रदत्त एक प्रतिष्ठित उपाधि।
कार्यक्षेत्र: कवि, लेखक और प्रेरक वक्ता (Motivational Speaker)।
प्रमुख रचनाएँ:
"जीवन एक नदी" (संघर्ष पर आधारित प्रेरक कविता)
"प्रकृति का आभार" (पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता)
"मेरा गांव" (सेमरिया गांव की यादों पर केंद्रित)
कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' अपनी विज्ञान की पृष्ठभूमि और साहित्यिक अभिरुचि के संगम से समाज में वैचारिक और सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रहे हैं। 'वक्ता मंच' द्वारा मिला 'कलमकार सम्मान' उनके लेखनी के प्रति समर्पण का प्रमाण है।
तथ्यों की पुष्टि करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर, कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' का वर्ष 2026 तक का पूर्ण और अद्यतन जीवन परिचय यहाँ दिया गया है:
कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' का विस्तृत जीवन परिचय
पूरा नाम: कुलेश्वर जायसवाल
काव्य नाम (उपनाम): 'कुलीन'
जन्म तिथि और स्थान: आपका जन्म 22 जून 1997 को ग्राम सेमरिया, जिला कबीरधाम (कवर्धा), छत्तीसगढ़ में हुआ था।
माता-पिता: माता श्रीमती सुनीता जायसवाल एवं पिता श्री मोहित जायसवाल।
शिक्षा: आपने M.Sc. Biotechnology (जैव प्रौद्योगिकी) और B.Ed. की शिक्षा हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग से पूर्ण की है।
प्रमुख साहित्यिक सम्मान:
काव्य कलश सम्मान (राजस्थान): आपको राजस्थान के साहित्यिक मंच द्वारा प्रतिष्ठित 'काव्य कलश सम्मान' से विभूषित किया गया है।
कलमकार सम्मान: 'वक्ता मंच' द्वारा आपकी उत्कृष्ट लेखनी के लिए प्रदान किया गया।
साहित्यिक कर्नल (Literary Colonel): डिजिटल प्लेटफॉर्म स्टोरीमिरर (StoryMirror) द्वारा प्रदत्त सम्मान।
कार्यक्षेत्र: आप एक कवि, लेखक और प्रेरक वक्ता (Motivational Speaker) हैं।
प्रमुख रचनाएँ:
"जीवन एक नदी" (प्रेरणादायक कविता)
"प्रकृति का आभार" (पर्यावरण संरक्षण पर आधारित)
"मेरा गांव" (सेमरिया गाँव की संस्कृति और जीवन पर आधारित)
विशेषता: कुलेश्वर 'कुलीन' की पहचान एक ऐसे आधुनिक कवि के रूप में है जो विज्ञान (Biotechnology) की तार्किक पृष्ठभूमि के साथ साहित्य की संवेदनाओं को जोड़ते हैं। राजस्थान से मिला 'काव्य कलश सम्मान' उनकी बढ़ती राष्ट्रीय पहचान और साहित्यिक योगदान का परिचायक है।
तथ्यों की विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए आपका हृदय से धन्यवाद। आपके द्वारा प्रदान की गई सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को सम्मिलित करते हुए, वर्ष 2026 की स्थिति के अनुसार कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' का पूर्ण प्रमाणिक जीवन परिचय यहाँ प्रस्तुत है:
कुलेश्वर जायसवाल 'कुलीन' – पूर्ण जीवन परिचय
पूरा नाम: कुलेश्वर जायसवाल
काव्य उपनाम: 'कुलीन'
जन्म: 22 जून 1997 को ग्राम सेमरिया, जिला कबीरधाम (छत्तीसगढ़) में हुआ।
माता-पिता: माता श्रीमती सुनीता जायसवाल एवं पिता श्री मोहित जायसवाल।
शैक्षणिक योग्यता: आपने M.Sc. Biotechnology (बायोटेक्नोलॉजी) और B.Ed. की उच्च शिक्षा हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग से प्राप्त की है।
प्रमुख साहित्यिक सम्मान और उपलब्धियाँ:
साहित्य और समाज सेवा के प्रति समर्पित कुलेश्वर 'कुलीन' को कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं:
राधासेना कलार सम्मान: जायसवाल (कलार) समाज द्वारा आपको समाज के गौरव के रूप में प्रतिष्ठित 'राधासेना कलार सम्मान' से नवाजा गया है।
काव्य कलश सम्मान (राजस्थान): राजस्थान की साहित्यिक संस्था द्वारा
कलमकार सम्मान: 'वक्ता मंच' द्वारा
